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कोरोना किट खरीद घोटाले में गाजीपुर और सुल्तानपुर के डीपीआरओ निलंबित

Mon, 07 Sep 2020 09:33 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 07 Sep 2020 09:33 PM IST
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DPRO of Ghazipur and Sultanpur suspended in Corona kit purchase scam
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना किट खरीद घोटाले में सोमवार को सुल्तानपुर व गाजीपुर के जिला पंचायतराज अधिकारियों पर गाज गिर गई। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने दोनों डीपीआरओ को निलंबित कर दिया है। दोनों डीपीआरओ पर बाजार से बहुत महंगे रेट पर पल्स ऑक्सीमीटर व इन्फ्रारेड थर्मामीटर की खरीद करने के आरोप हैं।
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इनकी खरीद ग्राम पंचायत स्तर पर होनी थी लेकिन दोनों अधिकारियों ने इसे केंद्रीकृत करने की कोशिश की। कोरोना संक्रमण के समय ग्राम पंचायतों को पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर व थर्मामीटर खरीदने के निर्देश दिए गए थे। पिछले दिनों लंभुआ (सुल्तानपुर) के विधायक देवमणि द्विवेदी ने कोरोना किट खरीद में घोटाले के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी जांच अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह को सौंपी थी। मनोज कुमार सिंह ने प्रारंभिक तौर पर मार्केट रेट से ज्यादा दर पर खरीद करने का दोषी मानते हुए सोमवार को सुल्तानपुर के साथ ही गाजीपुर के डीपीआरओ को भी निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि बेहतर स्क्रीनिंग व सर्विलांस के लिए ग्राम पंचायतों को पल्स ऑक्सीमीटर व इन्फ्रारेड थर्मामीटर खरीदने के निर्देश दिए गए थे। शासन ने कुछ जिलों के अनुभव के आधार पर अवगत कराया था कि दोनों उपकरणों मार्केट में 2800 रुपये में उपलब्ध हैं।
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अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि शासन के इन निर्देशों के बावजूद सुल्तानपुर के जिला पंचायत राज अधिकारी कृष्ण कुमार चौहान ने खरीद की प्रक्रिया को केंद्रीकृत करने का प्रयास किया। उन्होंने पल्स ऑक्सीमीटर व इन्फ्रारेड थर्मामीटर की किट के लिए 9950 रुपये का बिल पेश किया। यह मार्केट रेट से तीन गुना से अधिक है। इसी तरह गाजीपुर के जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने भी क्रय प्रक्रिया को केंद्रीकृत करने की कोशिश की। उन्होंने पल्स ऑक्सीमीटर व इन्फ्रारेड थर्मामीटर के लिए 5800 रुपये का बिल प्रस्तुत किया।

उन्होंने इन दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में कृष्ण कुमार सिंह चौहान को उप निदेशक (पंचायत) अयोध्या मंडल के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उन पर लगे आरोपों की जांच के लिए उप निदेशक (पंचायत) वाराणसी मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। इसी तरह अनिल कुमार सिंह को निलंबन काल में उप निदेशक (पंचायत) वाराणसी मंडल के कार्यालय से अटैच किया गया है। उन पर लगे आरोपों की जांच उप निदेशक (पंचायत) अयोध्या मंडल करेंगे।


अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने कहा कि गाजीपुर व सुल्तानपुर के डीपीआरओ को निलंबित कर दिया गया है। सभी जिलों से खरीद के संबंध में सूचनाएं मांगी गई है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पल्स ऑक्सीमीटर व इन्फ्रारेड थर्मामीटर का भुगतान 2800 रुपये से ज्यादा न किया जाए।
 
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