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Lucknow News: खबर छपते ही खुलने लगे निजी स्कूलों के दरवाजे
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लखनऊ। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं मिलने का मामला अमर उजाला की ओर से प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन और निजी विद्यालय हरकत में आ गए हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद निजी स्कूलों ने पात्र बच्चों को प्रवेश देना शुरू कर दिया है और इसकी सूचना शिक्षा विभाग को भेज दी है। अब तक 81 बच्चों का दाखिला हो चुका है, जबकि अन्य चयनित बच्चों का सत्यापन कर प्रवेश दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमर उजाला ने 16 जुलाई के अंक में छात्रा आराध्या, आलेखा, वेदिका, आरोही यादव, अदिति पाल तथा अमृतांश सिंह, शिवांश राजपूत सहित कई चयनित बच्चों को प्रवेश न दिए जाने का मुद्दा पंजीकरण नंबरों सहित प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी।
आरटीई के प्रथम चरण में डीपीएस की चारों शाखाओं के लिए 42 बालक और 22 बालिकाएं, सीएमएस की सभी शाखाओं के लिए 142 बालक और 44 बालिकाएं तथा एलपीएस की 18 शाखाओं के लिए 193 बालक और 55 बालिकाएं चयनित हुए थे। इनमें से अब तक 81 बच्चों को प्रवेश मिल चुका है। शेष बच्चों का सत्यापन कर जल्द प्रवेश दिए जाने का दावा किया गया है।
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डीएम ने बुलाई बैठक, तीन दिन का अंतिम मौका
लखनऊ। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी विशाख जी ने प्रवेश न देने वाले विद्यालयों की रिपोर्ट तलब की। शनिवार को इस संबंध में बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीएसए, बीईओ, एडीएम और 27 विद्यालयों के प्रबंधक मौजूद रहे। बैठक में प्रवेश न देने वाले विद्यालयों की सूची प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों का हर हाल में प्रवेश लिया जाए। इसके लिए विद्यालयों को तीन दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। बीएसए ने बताया कि निर्धारित अवधि में प्रवेश नहीं लेने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी। (संवाद)
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अमर उजाला ने 16 जुलाई के अंक में छात्रा आराध्या, आलेखा, वेदिका, आरोही यादव, अदिति पाल तथा अमृतांश सिंह, शिवांश राजपूत सहित कई चयनित बच्चों को प्रवेश न दिए जाने का मुद्दा पंजीकरण नंबरों सहित प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी।
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आरटीई के प्रथम चरण में डीपीएस की चारों शाखाओं के लिए 42 बालक और 22 बालिकाएं, सीएमएस की सभी शाखाओं के लिए 142 बालक और 44 बालिकाएं तथा एलपीएस की 18 शाखाओं के लिए 193 बालक और 55 बालिकाएं चयनित हुए थे। इनमें से अब तक 81 बच्चों को प्रवेश मिल चुका है। शेष बच्चों का सत्यापन कर जल्द प्रवेश दिए जाने का दावा किया गया है।
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डीएम ने बुलाई बैठक, तीन दिन का अंतिम मौका
लखनऊ। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी विशाख जी ने प्रवेश न देने वाले विद्यालयों की रिपोर्ट तलब की। शनिवार को इस संबंध में बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीएसए, बीईओ, एडीएम और 27 विद्यालयों के प्रबंधक मौजूद रहे। बैठक में प्रवेश न देने वाले विद्यालयों की सूची प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों का हर हाल में प्रवेश लिया जाए। इसके लिए विद्यालयों को तीन दिन का अंतिम अवसर दिया गया है। बीएसए ने बताया कि निर्धारित अवधि में प्रवेश नहीं लेने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी। (संवाद)