रिश्वत की पेशकश करने पर रिटायरमेंट से तीन दिन पहले इंजीनियर का डिमोशन, पहले किया गया था निलंबित
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पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वित्त) सुधीर आर्य को रिश्वत की पेशकश करने वाले अधीक्षण अभियंता राजेश गुप्ता को अधिशासी अभियंता के पद पर पदावनत कर दिया गया है। 6 फरवरी, 2020 से निलंबित चल रहे राजेश 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। रिटायरमेंट से तीन दिन पहले उनका निलंबन समाप्त करते हुए पदावनत करने का दंड दिया गया है।
दिलचस्प है कि कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम. देवराज की ओर से जारी आदेश में कहा है कि जांच में सामने आए तथ्यों से राजेश की सेवा समाप्त करने का आधार बनता है। चूंकि वह अब रिटायर हो रहे हैं इसलिए उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें पदावनत करते हुए उनके खिलाफ जांच समाप्त की जाती है।
समाप्त कर दी जाएगी जांच
पॉवर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वित्त) सुधीर आर्य को रिश्वत की पेशकश करने वाले अधीक्षण अभियंता राजेश गुप्ता को पदावनत कर अधिशासी अभियंता बना दिया गया है। 6 फरवरी 2020 से निलंबित चल रहे राजेश की सेवानिवृत्ति 28 फरवरी को है। रिटायरमेंट से तीन दिन पहले राजेश का निलंबन समाप्त करते हुए पदावनत करने का दंड दिया गया है। कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम. देवराज की ओर से जारी आदेश में साफ कहा है कि आरोपों की जांच में सामने आए तथ्यों से राजेश की सेवा समाप्त करने का स्पष्ट आधार बनता है। चूंकि वह 28 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं इसलिए उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें पदावनति का दंड देते हुए उनके खिलाफ चल रही जांच को समाप्त किया जाता है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत विद्युत कार्य मंडल मिर्जापुर के अधीक्षण अभियंता राजेश ने पूर्वांचल विद्युत निगम में निदेशक (वित्त) का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वित्त) सुधीर आर्य को 14 जनवरी 2020 को कुछ फाइलों की मंजूरी के लिए रिश्वत की पेशकश की थी। इसके बाद राजेश ने 22 जनवरी 2020 को पुन: कुछ ऐसी फाइलों को मंजूरी देने के लिए आर्य को उनके दफ्तर में दो अधीक्षण अभियंताओं की मौजूदगी में रिश्वत की पेशकश की, जिन फाइलों पर कार्रवाई करने से वह इनकार कर चुके थे।
आर्य ने इसकी लिखित शिकायत कॉर्पोरेशन प्रबंधन से की थी। इस पर 6 फरवरी 2020 को राजेश को निलंबित करते हुए उन्हें एमडी पूर्वांचल वितरण निगम, वाराणसी के कार्यालय से संबद्ध करते हुए जांच बैठा दी थी। कॉर्पोरेशन के सीएमडी की ओर से बीते बृहस्पतिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि राजेश पर लगाए गए दोनों आरोप सिद्ध पाए जाते हैं, ये अत्यंत गंभीर हैं व कदाचरण की श्रेणी में आते हैं। निलंबन समाप्ति के बाद राजेश गुप्ता को सेवा में बहाल करके अधिशासी अभियंता के पद पर पूर्वांचल वितरण निगम वाराणसी के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।