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बच्चों पर नई बीमारी का खतरा, बुखार समेत दिखाई दें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

Sat, 24 Oct 2020 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 01:39 AM IST
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Danger of MIS on child during corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

कोरोना के प्रकोप के बीच अब मासूमों पर नया खतरा मंडरा रहा है। देश में पीडियाट्रिक मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस) ने दस्तक दे दी है। कोविड-19 की चपेट में आने वाले बच्चों में इसका खतरा ज्यादा दिख रहा है। इसके चलते ऐसे बच्चों की देखभाल बेहद सावधानी से करने की जरूरत है।

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दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, मुंबई सहित कई महानगरों में केस मिलने के बाद से राजधानी के बाल रोग विशेषज्ञ भी सतर्क हैं। भारतीय बाल रोग एकेडमी ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इस बीमारी के लक्षण भी कुछ हद तक कोरोना से मिलते-जुलते हैं। 
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राजधानी में अब तक करीब तीन हजार बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। ये ठीक होकर घर लौट चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घर जाने के बाद यदि बच्चों के अंगों में सूजन, तेज बुखार, उल्टी और सांस लेने में समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि ये लक्षण मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम के हैं। सामान्य बच्चों में भी ये लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में उनकी भी निगरानी करने की जरूरत है।

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जहां कोरोना, वहां ज्यादा मिले केस

Danger of MIS on child during corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि जिन देशों में कोविड-19 का असर ज्यादा रहा है, वहां कोरोना कम होने के बाद पीडियाट्रिक एमआईएस के मरीज ज्यादा मिले हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, स्पेन सहित यूरोप के कई देशों में इसके मामले सामने आए हैं। द लांसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक 14 साल तक के बच्चों में यह बीमारी ज्यादा मिली है।

कुछ मरीजों में टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम जैसे लक्षण मिले हैं। उन्हें पेट दर्द, उल्टी और डायरिया की शिकायत के साथ शरीर और सीने में भारी जलन हुई। सामान्य तौर पर तीन दिन से ज्यादा बुखार रहे, चेहरा-आंखें बहुत लाल हो जाएं, शरीर में दाने आ जाएं, मुंह व हाथ-पैर में सूजन, ब्लड प्रेशर कम हो जाए, पेट में दर्द, उल्टी के साथ सांस लेने में तकलीफ हो तो चिकित्सक से तुरंत सलाह लें।

बरती जा रही पूरी सावधानी

Danger of MIS on child during corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
एमआईएस को लेकर पूरी सावधानी बरती जा रही है। कोविड वार्ड और इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों को लक्षण की जानकारी दी गई है। अभी यूनिवर्सिटी में कोई मामला नहीं आया है। हालांकि, इससे मिलते लक्षण वाले मरीजों पर हम निगरानी रखे हैं। - डॉ. सारिका गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, केजीएमयू

विभिन्न शहरों में इसके मरीज मिलने के बाद हम बच्चों का इलाज करते समय लक्षणों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। इसमें मरीज को इमुनोग्लोबिन दिया जा रहा है, जिससे इम्यून सिस्टम में सुधार किया जा सके। स्टेरॉइड और साइटोकाइन ब्लॉकर्स भी दिया जा रहा है। इस बीमारी में भी रेस्पिरेट्री सिस्टम और हार्ट ज्यादा प्रभावित होता है। बच्चे में लक्षण दिखते ही तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत होती है।  - डॉ. केके यादव, बाल रोग विशेषज्ञ, लोहिया संस्थान

एमआईएस में इम्यूनिटी एक तरह से शरीर में मौजूद तत्वों से लड़ने लगती है। यह खतरनाक बीमारी है। बाल रोग विशेषज्ञों को अलर्ट कर दिया गया है। राजधानी के किसी संस्थान में अभी इस तरह के मरीज का मामला नहीं आया है, लेकिन इससे मिलते लक्षण वाले एक-दो मरीज मिले हैं। ऐसे में भारतीय बाल रोग एकेडमी ने सभी विशेषज्ञों को अलर्ट रहने और मरीज मिलने पर उसे पंजीकृत करने का निर्देश दिया है।  - डॉ. पियाली भट्टाचार्य, प्रो. पीजीआई एवं 
पूर्व अध्यक्ष एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक यूपी 
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