{"_id":"619e6113545f743d7a295e90","slug":"custodial-death-case-cbi-announced-reward-on-nine-policemen-of-jaunpur-murder-took-place-on-february-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिरासत में मौत का मामला : सीबीआई ने घोषित किया जौनपुर के नौ पुलिस कर्मियों पर इनाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
हिरासत में मौत का मामला : सीबीआई ने घोषित किया जौनपुर के नौ पुलिस कर्मियों पर इनाम
Thu, 25 Nov 2021 09:49 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 25 Nov 2021 09:49 AM IST
सार
11 फरवरी को कृष्ण कुमार यादव की जौनपुर के बक्सा थाने में पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। सीबीआई ने सितंबर महीने में एफआईआर दर्ज की थी और आरोपी पुलिस कर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। सीबीआई के बुलावे पर यह पुलिस कर्मी नहीं आए।
विज्ञापन
सीबीआई
विस्तार
जौनपुर के बक्सा थाने में पुलिस हिरासत में हुई कृष्ण कुमार यादव की मौत के मामले में सीबीआई ने नौ पुलिस कर्मियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। सीबीआई ने इस मामले में सितंबर महीने में एफआईआर दर्ज की थी और आरोपी पुलिस कर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। सीबीआई के बुलावे पर यह पुलिस कर्मी नहीं आए। यह पुलिस कर्मी अपने कार्यालय से भी फरार बताए जा रहे हैं जहां इनकी तैनाती है। अब इनकी तलाश करने वालों को सीबीआई ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
सीबीआई ने जिन पुलिस कर्मियों के खिलाफ इनाम घोषित किया है, उसमें बक्शा थाने के तत्कालीन इंचार्ज अजय कुमार सिंह, आरक्षी कमल बिहारी बिंद, राज कुमार वर्मा, जितेंद्र सिंह, जौनपुर के तत्कालीन एसओजी प्रभारी पर्व कुमार सिंह, एसओजी के आरक्षी श्वेत प्रकाश, राजन सिंह, मुख्य आरक्षी जय शील तिवारी और अंगद प्रसाद चौधरी का नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
कृष्ण कुमार यादव को 11 फरवरी को जौनपुर के बक्सा थाने और एसओजी की टीम ने हिरासत में लिया था। कृष्ण कुमार के भाई अजय का आरोप था कि एक दर्जन की संख्या में पुलिस कर्मी उसे रात में 10 बजे लेकर आई और घर के अंदर रखे पैसे, आभूषण और अन्य सामान जबरन उठा ले गए। उसका भाई ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। अगले दिन अजय थाने पहुंचा तो उसे मिलने नहीं दिया गया। कुछ ही देर बाद कृष्ण कुमार यादव की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इस मामले की जांच प्रदेश सरकार ने सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने सितंबर महीने में इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
विज्ञापन