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आर संस पर प्लॉट के नाम पर ठगी के दो और मुकदमे दर्ज
Fri, 21 Jun 2019 01:38 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Fri, 21 Jun 2019 01:38 AM IST
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आरोपित प्रोफेसर के आजमगढ़ में कई कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर थाने में रीयल एस्टेट कंपनी आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ प्लॉट के नाम पर ठगी के दो और मामले दर्ज किए गए हैं।
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अयोध्या रोड स्थित कैलाश कुंज निवासी पीड़िता रेनू शर्मा और इंदिरानगर के बी ब्लाक में रहने वाली शैल अग्रवाल ने कंपनी पर 7.70 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि रेनू ने वर्ष 2013 में कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव से संपर्क कर देवा रोड स्थित जीवनदीप योजना में एक हजार वर्ग फीट के दो प्लॉट बुक कराए थे। दोनों प्लॉट की कीमत सात लाख रुपये बताई गई थी। रेनू ने दो लाख रुपये नकद व चार लाख रुपये ड्रॉफ्ट के जरिए कंपनी के खाते में जमा किए।
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इस बीच कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव को पुलिस ने जमीन के नाम पर ठगी के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इसी तरह शैल अग्रवाल ने भी वर्ष 2013 में देवा रोड स्थित जीवनदीप योजना में एक हजार वर्ग फीट का एक प्लॉट बुक कराया था।
शैल अग्रवाल का कहना है कि उनके परिचित राम सेवक रावत ने कंपनी के मैनेजर मनीष श्रीवास्तव से मुलाकात कराई थी। मनीष ने मात्र 1.70 लाख रुपये में प्लॉट का ऑफर दिया। शैल ने कंपनी के खाते में रुपये जमा करके प्लाट खरीद लिया।
आशीष ने उन्हें राम सेवक रावत, विजय कुमार शुक्ला और मनीष श्रीवास्तव के साथ प्लाट की रजिस्ट्री के लिए बाराबंकी स्थित निबंधक कार्यालय भेजा। हालांकि रजिस्ट्री के बाद भी प्लाट पर कब्जा नहीं मिला। करीब दो सप्ताह पहले शैल आर संस कंपनी के ऑफिस पहुंची तो पता चला कि आशीष को पुलिस ने ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उन्होंने केस दर्ज कराया।
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इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अयोध्या रोड स्थित कैलाश कुंज निवासी पीड़िता रेनू शर्मा और इंदिरानगर के बी ब्लाक में रहने वाली शैल अग्रवाल ने कंपनी पर 7.70 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि रेनू ने वर्ष 2013 में कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव से संपर्क कर देवा रोड स्थित जीवनदीप योजना में एक हजार वर्ग फीट के दो प्लॉट बुक कराए थे। दोनों प्लॉट की कीमत सात लाख रुपये बताई गई थी। रेनू ने दो लाख रुपये नकद व चार लाख रुपये ड्रॉफ्ट के जरिए कंपनी के खाते में जमा किए।
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इस बीच कंपनी के एमडी आशीष कुमार श्रीवास्तव को पुलिस ने जमीन के नाम पर ठगी के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इसी तरह शैल अग्रवाल ने भी वर्ष 2013 में देवा रोड स्थित जीवनदीप योजना में एक हजार वर्ग फीट का एक प्लॉट बुक कराया था।
शैल अग्रवाल का कहना है कि उनके परिचित राम सेवक रावत ने कंपनी के मैनेजर मनीष श्रीवास्तव से मुलाकात कराई थी। मनीष ने मात्र 1.70 लाख रुपये में प्लॉट का ऑफर दिया। शैल ने कंपनी के खाते में रुपये जमा करके प्लाट खरीद लिया।
आशीष ने उन्हें राम सेवक रावत, विजय कुमार शुक्ला और मनीष श्रीवास्तव के साथ प्लाट की रजिस्ट्री के लिए बाराबंकी स्थित निबंधक कार्यालय भेजा। हालांकि रजिस्ट्री के बाद भी प्लाट पर कब्जा नहीं मिला। करीब दो सप्ताह पहले शैल आर संस कंपनी के ऑफिस पहुंची तो पता चला कि आशीष को पुलिस ने ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उन्होंने केस दर्ज कराया।