खौफनाक! अब यूपी में लटके मिले 'प्रेमी कंकाल'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में अपराध पर लगाम कसने की हर कोशिश नाकाम साबित हो रही है। पुलिस की नाक के नीच अपराध हो रहा है पर किसी को कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा।
एक तरफ सीएम शर्मनाक कानून व्यवस्था के चलते अखिलेश यादव सवालों के घेरे में हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने को तनिक भी तैयार नहीं दिख रही।
पिछले करीब एक महीने में दर्जनों मामले पेड़ पर लटकती मिली लाशों के सामने आए हैं, लेकिन पुलिस शायद इन घटनाओं को देखकर भी अनदेखा कर रही है।
यही वजह है कि अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट चक गंजरिया में ही दो लाशें बीते 15 दिनों से पेड़ पर लटकती रहीं और पुलिस वहीं आस-पास रहकर भी कुछ पता नहीं लगा सकी।
बबूल के पेड़ से लटकी थी लाशें
राजधानी लखनऊ के गोसाईंगंज इलाके में चक गंजरिया का जंगल पड़ता है। शहीद पथ से करीब 200 मीटर अंदर बबूल के जंगल में एक पेड़ की दो अलग डालों पर दो लाशें करीब 15 दिनों से लटकीं हुई थीं।
गुरुवार सुबह पास के ही गांव मस्तेमऊ के निवासी अभय शंकर मिश्र एक बीमार गाय की तलाश में वहां पहुंचे तो हैरान रह गए। जंगल में आग की तरह ये खबर गांव पहुंची और आनन-फानन में स्थानीय पुलिस और एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए।
पेड़ पर लटके शवों की हालत देख फॉरेंसिक टीम बुलाई गई और जांच में अनुमान लगाया गया कि एक शव लड़के और दूसरा लड़की का है।
बलात्कार या ऑनर किलिंग?
गांव के लोगों ने बताया कि घटनास्थल तक आराम से चार पहिया वाहन जा सकता है।
करीब 100 मीटर दूर ही दबंग माफिया अवैध खनन कर रहे हैं, पुलिस भी वहां रोजाना जाती है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान न जाना सशंकित करता है। कुछ लोगों का मानना है कि दोनों प्रेमी थे और उनकी हत्या करके ही वहां टांगा गया था।
कुछ लोगों को बलात्कार का भी शक है, हालांकि पुलिस के डर से किसी ग्रामीण ने इस बात को कहने की जुर्रर नहीं की। हालांकि, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मामला ऑनर किलिंग का साफ नजर आ रहा है।
उतर चुकी थी चमड़ी, बस बचा था कंकाल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शवों करीब आठ फीट ऊंची डाल पर लटकाए गए शवों की हालत इतनी बदतर हो चुकी थी कि शरीर में सिर्फ कंकाल बचा था।
पूरा शरीर गल चुका था और घुटने भी जमीन से छूने लगे थे। हालांकि, पुलिस ने बताया कि एक शव के शरीर पर सिर्फ टी शर्ट थी। निचले हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं था।
दूसरे कंकाल पर शर्ट और पैंट दोनों मौजूद थे। मामले की गंभीरता से परेशान पुलिस ने आनन-फानन में शव तो पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन आस पास मौजूद सबूत छोड़ दिए।
एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, पेड़ से कुछ दूरी पर एक पॉलीथीन में दो साबुन और एक धागा रखा था लेकिन पुलिस ने उसे नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, फॉरेंसिक टीम ने इसके भी नमूने लिए।
होगी लिंग और डीएनए की जांच
उन्होंने शवों के लिंग परीक्षण और डीएनए टेस्ट करवाने के लिए भी कहा। कुमार ने कहा कि डीएनए टेस्ट की भविष्य में कभी भी जरूरत पड़ सकती है।
इसके साथ ही उन्होंने दोनों शवों का बिसरा सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। कुल मिलाकर पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।