फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Three arrested for doing fraud on the name of job in Lucknow.

Fraud: सरकारी विभागों में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार

Tue, 26 Jul 2022 05:30 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 26 Jul 2022 05:30 PM IST
सार

सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामले में तीन गिरफ्तार किए गए हैं। इसमें सचिवालय कर्मचारी भी शामिल है। सचिवालय कर्मी अपने कमरे में बेरोजगारों के इंटरव्यू लेता था।

विज्ञापन
Three arrested for doing fraud on the name of job in Lucknow.
गिरफ्तार किए गए आरोपी व बरामद हुए दस्तावेज। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बेरोजगारों को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश एसटीएफ ने मंगलवार को किया। इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें सचिवालय में तैनात अधिकारी का निजी सचिव भी शामिल है। एसटीएफ की टीम ने आरोपियों के पास से कूटरचित नियुक्ति पत्र, सचिवालय पास सहित कई अहम दस्तावेज हासिल किये हैं। पुलिस के मुताबिक सचिवालय का निजी सचिव अपने कमरे में बेरोजगारों से इंटरव्यू लेता था। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

विज्ञापन


एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक पकड़े गये आरोपियों में नटखेड़ा आलमबाग का रहने वाला सचिवालय के अधिकारी का निजी सचिव विजय कुमार मंडल, मूलरूप से महराजगंज के सिसवां व लखनऊ में गुडंबा के सावित्रीपुरम का रहने वाला धर्मवीर सिंह उर्फ अजय सिंह उर्फ धीरू और दिल्ली के स्वरूपनगर बीकानेर स्वीट्स के पास का आकाश कुमार शामिल हैं। धर्मवीर पर कानपुर देहात पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। टीम ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल, कूट रचित सचिवालय का एक सहायक समीक्षा अधिकारी का पहचान पत्र, 8 नियुक्ति पत्र, 22 बेरोजगारों के शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैनकार्ड, एटीएम, नकदी बरामद किया।
विज्ञापन


सचिवालय के कमरे में लेता था इंटरव्यू
पूछताछ में विजय ने बताया कि उसकी मुलाकात धर्मवीर सिंह से वीवीआईपी गेस्ट हाउस बंदरियाबाग में हुई थी। वहीं से दोनों संपर्क में आये। धर्मवीर ने कहा कि कुछ बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर उनके पास लेकर आयेगा। उनका इंटरव्यू अपने कमरे में एक-एक कर बुलाकर लेना। फिर उनको हम फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर मोटी रकम हासिल कर लेंगे। धर्मवीर धीरे-धीरे कर करीब 70 बेरोजगारों को लेकर उसके कार्यालय पहुंचा। जहां पर सभी का इंटरव्यू लिया गया। सभी के शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करा लिया गया। इंटरव्यू होने के बाद धर्मवीर ने बेरोजगारों को कूटरचित नियुक्ति पत्र प्रिंट कराकर दिया। जो नियुक्ति पत्र का फार्मेट सचिवालय की तरह था। उसका नमूना विजय ने ही उपलब्ध कराया था। विजय ने बताया कि उसके ऊपर एक ठेकेदार का 35-40 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। जिसे देने के लिए रुपये का इंतजाम करना था। इसी लिए धर्मवीर व आकाश के साथ काम करता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

विजय ने बनवाया था सचिवालय का पहचान पत्र

एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक विजय ने कुबूल किया किया उसने ही आकाश व धर्मवीर सिंह का सहायक समीक्षा अधिकारी का पहचान पत्र बनवाया था। जिस पर सचिवालय के अधिकारी के हस्ताक्षर थे। इन्टरव्यू के बाद विजय धर्मवीर सिंह से प्रिंट किया हुआ नियुक्ति पत्र मंगवाता था और उस पर  हस्ताक्षर करके उसे रजिस्ट्री के माध्यम से संबंधित अभ्यर्थी के पते पर भिजवा देता था।  फर्जीवाड़े की जानकारी बेरोजगारों को तब होती थी जब वह सचिवालय में ज्वाइन करने पहुंचते थे। वहां सचिवालय कर्मियों द्वारा बताया गया कि यह नियुक्ति-पत्र फर्जी हैं। इस प्रकार की नियुक्ति से संबंधित कोई विज्ञप्ति यहां से जारी नहीं की गयी है। जिसके बाद इनके द्वारा उपरोक्त फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गयी थी।

नाम बदलकर करता था ठगी
एसटीएफ के मुताबिक धर्मवीर ने पूछताछ में कुबूल किया यिका वह अपना नाम बदलकर लोगों से संपर्क करता था। अजय सिंह नाम से मैने फर्जी आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व सचिवालय का पहचान पत्र भी बनवाया है। धर्मवीर के खिलाफ हरदोई के देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। जिसमें वारंट भी है। इसी मामले में पुलिस अधीक्षक हरदोई ने 10 हजार का इनाम भी घोषित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed