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Meerut News: दोहरे हत्याकांड में मास्टर बाबूराम की जेल से रिहाई हुई
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बड़ौत। टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर विपुल के पिता मास्टर बाबूराम की भूमिका नहीं होने की रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी। इसके बाद शुक्रवार को न्यायालय के आदेश पर जेल से मास्टर बाबूराम की रिहाई हो गई।
बड़ौत बस स्टैंड के पास नौ जून को दस साल पुरानी रंजिश में टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भाग रहे हिस्ट्रशीटर विपुल लुहारी की भीड़ ने गोली मारने के बाद पिटाई कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के पिता मास्टर बाबूराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद हत्याकांड में शामिल दूसरा आरोपी भीमसैन निवासी भिवानी मुठभेड में पैरों में गोली लगने से घायल हो गया था। जबकि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में विपुल के साथ गोली बरसाने के आरोपी शूटर सुनील उर्फ जोनी को भिवानी पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले में जेल भेजे गए हिस्ट्रीशीटर के पिता मास्टर बाबूराम को बेगुनाह बताकर रिहाई की मांग उठाई गई और प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मुलाकात भी की। इस मामले में विपुल की हत्या में व्यापारी विपुल जैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें जेल में बंद मास्टर बाबूराम की दोहरे हत्याकांड में भूमिका नहीं होने का जिक्र किया गया है। इसी आधार पर न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को मास्टर बाबूराम की जेल से रिहाई हो गई। इस मामले के विवेचक दीक्षित कुमार त्यागी का कहना है कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी गईं। घटना में मास्टर बाबूराम की कोई भूमिका नहीं मिली है।
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बड़ौत बस स्टैंड के पास नौ जून को दस साल पुरानी रंजिश में टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भाग रहे हिस्ट्रशीटर विपुल लुहारी की भीड़ ने गोली मारने के बाद पिटाई कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर के पिता मास्टर बाबूराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद हत्याकांड में शामिल दूसरा आरोपी भीमसैन निवासी भिवानी मुठभेड में पैरों में गोली लगने से घायल हो गया था। जबकि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में विपुल के साथ गोली बरसाने के आरोपी शूटर सुनील उर्फ जोनी को भिवानी पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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इस मामले में जेल भेजे गए हिस्ट्रीशीटर के पिता मास्टर बाबूराम को बेगुनाह बताकर रिहाई की मांग उठाई गई और प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मुलाकात भी की। इस मामले में विपुल की हत्या में व्यापारी विपुल जैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें जेल में बंद मास्टर बाबूराम की दोहरे हत्याकांड में भूमिका नहीं होने का जिक्र किया गया है। इसी आधार पर न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को मास्टर बाबूराम की जेल से रिहाई हो गई। इस मामले के विवेचक दीक्षित कुमार त्यागी का कहना है कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी गईं। घटना में मास्टर बाबूराम की कोई भूमिका नहीं मिली है।
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