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व्यापारी को तस्करी में फंसाने में दरोगा लाइन हाजिर
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Mon, 06 Jan 2014 09:36 AM IST
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नाका के व्यापारी को असलहे व चरस स्मगलर दिखा हिरासत में लेने की गुत्थी उलझती जा रही है।
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पीड़ित ने जिस व्यक्ति पर पुलिस से साठगांठ कर साजिश रचने का आरोप लगाया था वह रविवार शाम एसएसपी से मिला।
इस दौरान रिश्तेदार पर शक जताते हुए खुद को बेकुसूर बताया। एसएसपी ने आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है।
मोतीनगर निवासी अनिल मोहन तिवारी उर्फ अन्नू ने एसएसपी के कैंप ऑफिस पहुंचकर गुहार लगाई। कहा कि तारिक को तस्करी में फंसाए जाने की साजिश की जानकारी अखबार से हुई।
जिसमें तारिक ने उस पर इलाके के दरोगा इंद्रपाल सिंह से साठगांठ कर फंसाने का आरोप लगाया था। अनिल ने एसएसपी से कहा कि तारिक से उसका कोई विवाद नहीं है।
बल्कि उसका अपने चचेरे भाई सचिन दत्त तिवारी और ऋषि तिवारी से संपत्ति विवाद है। उन दोनों ने तारिक को उकसाया है। एसएसपी ने एसपी सिटी पश्चिम को जांच के आदेश दिए हैं।
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इंस्पेक्टर नाका विजय प्रकाश ने बताया कि गोदाम से चरस व तमंचे बरामद होने का मामला संदिग्ध नजर आने पर तारिक को थाने से छोड़ दिया गया था।
इसके साथ उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश किसी अन्य थाने से कराने के लिए एसएसपी को रिपोर्ट भेजी गई है।
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पता लगाया जाएगा कि तारिक के गोदाम में चरस व तमंचे किसने रखे थे? एसआई इंद्रपाल सिंह को किस तरह सूचना मिली और किस तरह छापा मारकर ये चीजें बरामद की गईं? मामले की जांच की जा रही है।