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रूममेट से परेशान नर्सिंग की छात्रा ने लगा ली फांसी, सुसाइड नोट में लिखा दर्द

Thu, 29 Jun 2017 01:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 29 Jun 2017 01:16 PM IST
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nursing student commits suicide in lucknow.
- फोटो : amar ujala

‘प्लीज... अब जो हो चुका वो लौटकर वापस नहीं आएगा। बस तुमसे मेरी लास्ट रिक्वेस्ट है। अब कुछ ऐसा किसी से मत कहना हमारी लाइफ के बारे में जिससे मेरे साथ जुड़े हर इंसान को प्रॉब्लम फेस करनी पड़े।’

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विवेकानंद स्कूल ऑफ नर्सिंग के हॉस्टल में मंगलवार दोपहर खुदकुशी करने वाली सीतापुर के लहरपुर निवासी छात्रा नेहा कश्यप के सुसाइड नोट की यह लाइनें काफी कुछ कह रही हैं।
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परिवारीजनों ने नेहा की मौत के लिए उसकी रूममेट को जिम्मेदार ठहराते हुए हॉस्टल मैनेजमेंट पर सवाल खड़े किए है।

हालांकि, देर शाम तक नेहा के परिवारीजनों ने पुलिस से लिखित शिकायत नहीं की थी। महानगर पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में नेहा ने लिखा है कि रूममेट उसे परेशान कर रही थी। जांच की जा रही है।

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रूममेट से थी परेशान

nursing student commits suicide in lucknow.

नेहा नर्सिंग की फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। उसके मामा सीतापुर निवासी निक्की ने बताया कि वह हॉस्टल के रूम नंबर 31 में सिद्धार्थनगर की छात्रा के साथ रहती थी। कुछ दिन से रूममेट उसे परेशान कर रही थी।

नेहा पढ़ने में काफी तेज थी और हमेशा से ही एग्जाम के लिए नोट्स बनाती थी। इन दिनों उसके एग्जाम चल रहे थे लेकिन किसी ने नोट्स गायब कर दिए थे जिससे वह काफी परेशान थी। नेहा ने परिवारीजनों को भी इस बारे में बताया था। उसने रूममेट पर नोट्स गायब करने का शक जताया था।

वह अपनी रूममेट से इतनी परेशान थी कि हॉस्टल की वार्डन को कई बार कमरा बदलने के लिए कह चुकी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। दो दिन पहले उन्होंने नेहा से फोन पर बात की तो वह काफी परेशान थी।

उसने कहा था कि रूममेट ने कमरे से बाहर कर दिया है। वार्डन से शिकायत की पर उन्होंने तीन जुलाई को एग्जाम खत्म होने के बाद कमरा चेंज करने की बात कहकर मामला रफा-दफा कर दिया।

आखिर, किस बात से परेशान थी नेहा

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नेहा अपनी रूममेट और हॉस्टल मैनेजमेंट से इतनी परेशान हो चुकी थी कि उसने खुदकुशी का रास्ता चुन लिया। मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने अपनी प्रताड़ना का जिक्र किया है। नेहा ने लिखा कि वह जिस रूम में 29 सितंबर से रह रही है, वहां एक-एक दिन दम घुटता है।

अब तो रूममेट को हमारी पढ़ाई से भी एलर्जी है। हमारे हंसने से भी एलर्जी है। हम रोज यह सब सहते-सहते परेशान हो चुके हैं। अब हिम्मत नहीं कि यह सब बर्दाश्त कर सकें। इन सब बातों को लेकर घर में सब परेशान हो जाते हैं। हम किसी को कोई दुख नहीं देना चाहते। हमारे जाने के बाद पता नहीं लोग क्या-क्या कहेंगे कि लड़की ने ऐसा क्यों किया। कोई गलत मतलब निकालेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।

हम अपनी फैमिली अपना कॅरिअर सबकुछ छोड़कर जा रहे हैं। मेरे जाने के बाद मेरी किसी भी बात को इश्यू मत बनाइएगा। सुसाइड नोट में नेहा ने रूममेट के लिए यह भी लिखा कि, ‘प्लीज तुमसे लास्ट रिक्वेस्ट है जो भी कहना सोच-समझकर कहना मेरे बारे में...।’

परिवार के लोग जानना चाहते हैं कि नेहा व उसकी रूममेट के बीच आखिर ऐसी कौन सी बात है जिसे लेकर वह परेशान थी। उन्होंने पुलिस से गहराई से जांच की मांग की है।

हॉस्टल में लगाई थी फांसी

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गौरतलब है कि राजधानी के महानगर में नर्सिंग छात्रा ने फांसी लगाई। उसका शव हॉस्टल में दुपट्टे के सहारे लटकता मिला था। इंस्पेक्टर रवींद्र नाथ राय ने बताया कि सीतापुर के लहरबाग क्रिकेट तल निवासी स्व. श्यामप्रकाश कश्यप की बेटी नेहा (21) विवेकानंद स्कूल ऑफ नर्सिंग से जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा थी।

वह कॉलेज हॉस्टल के कमरा नंबर 31 में एक अन्य छात्रा के  साथ रहती थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें नेहा ने रूममेट द्वारा परेशान किए जाने का जिक्र किया है।

मेधावी थी, लंदन के डॉक्टर कर चुके हैं पुरस्कृत
नेहा के भाई निहाल ने बताया कि वह पढ़ने में काफी तेज थी और डॉक्टर बनना चाहती थी। हर बार फर्स्ट डिवीजन आती थी। डॉक्टर बनने के लिए वह मेहनत भी कर रही थी। साथ में अपना काम भी निष्ठापूर्वक करती थी।

यही वजह है कि लंदन से आए डॉक्टरों का दल उससे काफी प्रभावित हो गया था। डॉक्टरों ने उसके काम और लगन से खुश होकर 501 रुपये भी दिए थे।

25 दिन पहले हुई थी पिता की मौत

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नेहा की खुदकुशी ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। मामा निक्की ने बताया कि नेहा अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी। पिता की 25 दिन पहले ही बीमारी से मौत हो गई थी। छोटा भाई निहाल भी आईटीआई से कोर्स कर रहा है। घर पर मां सुशीला है जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। पूरे परिवार के लिए नेहा ही उम्मीद की किरन थी, लेकिन उसने भी सबका साथ छोड़ दिया।

प्रिंसिपल के नाम लिखा था छुट्टी का प्रार्थनापत्र
नेहा ने खुदकुशी करने से पहले प्रिंसिपल के नाम छुट्टी के लिए प्रार्थनापत्र लिखा था। हालांकि, यह प्रार्थनापत्र उसने दिया नहीं। प्रार्थनापत्र में उसने खुद को बीमार बताते हुए 27 जून को एक दिन के लिए कॉलेज और क्लीनिकल से छुट्टी मांगी थी।

प्रार्थनापत्र देने के बजाए उसने खुदकुशी कर ली। परिवारीजनों का कहना है कि नेहा की तबीयत ठीक नहीं थी। आखिर ऐसी कौन सी वजह थी जो उसने छुट्टी के बजाए खुदकुशी कर ली।

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