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शोहदे होंगे जिला बदर,तैयार कराई गई सूची

Wed, 19 Feb 2014 09:11 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमल उजाला, लखनऊ
संजय त्रिपाठी/अमल उजाला, लखनऊ Updated Wed, 19 Feb 2014 09:11 AM IST
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Molestation Control

चौराहे या अन्य सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं से छेड़खानी करने वाले शोहदे जल्द ही जिले से बाहर खदेड़े जाएंगे।

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पुलिस ने धारा 294 के तहत दर्ज ऐसे मामलों की पांच साल की सूची तैयार की है,जिसमें आरोपी को सजा सुनाई जा चुकी है।

एसएसपी ने सजा के बाद भी हरकतें न सुधरने वालों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि महिला संबंधी अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए शोहदों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है।

पांच साल में विभिन्न थानों में आईपीसी की धारा 294 यानी सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें करने के तहत गिरफ्तार और इस धारा में कोर्ट से सजा पा चुके शोहदों की सूची तैयार की गई है।
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सभी थाना प्रभारियों को सजायाफ्ता शोहदों की वर्तमान स्थिति की जानकारी करने के आदेश दिए गए हैं। सजा के बाद सुधरने वालों के साथ ही अब भी गलत हरकतों में लिप्त रहने वालों का ब्योरा जुटाया जा रहा है
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ऐसे लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारियों को सजा के बाद भी न सुधरे शोहदों को जिला बदर कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पैरवी के आदेश दिए गए हैं।

अगला निशाना दरिंदे
छेड़छाड़ करने वाले शोहदों के खिलाफ 90 फीसदी मुकदमे पुलिस द्वारा दर्ज कराए जाते हैं। ऐसे में सही पैरवी से उनकी सजा का प्रतिशत अधिक है, जबकि शील भंग की धारा 354 व दुष्कर्म की धारा 376 के तहत मुकदमे पीड़िता या उसके परिवार तहरीर पर दर्ज होते हैं।


लोकलाज या भविष्य में बदली परिस्थितियों या समझौते के चलते सजा का ग्राफ कम है। इसके बावजूद दरिंदों पर सख्त कार्रवाई के लिए धारा 354 व 376 के तहत पांच साल में सजा का ब्योरा जुटाया जा रहा है। शोहदे व दरिंदों पर सख्त कार्रवाई से महिलाओं संबंधी अपराध पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

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