रेप पीड़िता बेटी को इंसाफ दिलाने पर अड़े पिता को मार डाला
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दरिंदों ने पहले काकोरी निवासी निशक्त मजदूर की 10 साल की मासूम बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया, फिर बेटी को न्याय दिलाने के लिए पिता दुराचारियों के खिलाफ खड़ा हुआ तो उसे लगातार धमकाया।
पूरे परिवार को खत्म करने तक की धमकी दी। इसके बावजूद निशक्त पिता के हौसले नहीं डिगे तो आरोपी के परिवारीजनों ने उसकी निर्ममता से हत्या कर दी। शुक्रवार को उसका शव बंथरा के गुंदौली गांव में जंगल में पड़ा मिला।
गले में जूट की रस्सी लिपटी थी और शरीर पर चोटों के निशान थे। विडंबना तो यह है कि खौफजदा परिवार ने धमकियों की शिकायत पुलिस से भी की थी, पर पुलिस सोती ही रही।
मृतक के भाई ने बताया कि बच्चों की जान पर खतरा मंडराते देख भैया बृहस्पतिवार दोपहर बेटी और 8 साल के बेटे को लेकर उन्नाव निवासी रिश्तेदार के यहां छोड़ने गए थे। उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति से बाइक मांगी थी।
रात में भैया रिश्तेदार से गांव लौटने की बात कहकर निकले थे। शुक्रवार सुबह उनका शव मिला। पास ही बाइक पड़ी थी। सूचना पाकर आई पुलिस ने जेब से मिले कागजात के आधार पर मृतक के परिवारीजनों को सूचना दी।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या से उनका भाई बेहद गुस्से में हैं। उसका कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो उनका भाई आज जिंदा होता। मृतक काकोरी निवासी निशक्त मजदूर के भाई ने कहा कि बदमाशों की धमकी की पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बांका लेकर देते थे काटकर फेंकने की धमकी
परिवारीजनों ने बताया कि चार दिन पहले रेप के आरोपियों के बदमाश रिश्तेदार आधी रात को बांका लेकर गांव में घूम रहे थे। शराब में धुत दबंगों ने दोनों को काटकर फेंकने की धमकी भी दी थी।
काकोरी पुलिस का कहना है कि मजदूर का परिवार से संबंध ठीक नहीं था। वह शराब का लती थाा।वह गांव के बाहर तालाब के पास झोपड़ी बनाकर रहता था। पत्नी एक महीना पहले छोड़ गई थी।
हाल ही में मजदूर के परिवार की एक जमीन 43 लाख रुपये में बिकी थी। इस रकम से मजदूर को कुछ नहीं दिया गया था। वह भाइयों से हिस्सा मांग रहा था जिसे लेकर आपस में तनाव चल रहा था।
मजदूर के भाई ने दुष्कर्म के आरोपी जितेंद्र के भाई नरेंद्र और सुरेंद्र के साथ ही वीरेंद्र, सुल्तान और अशोक के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मृत मजदूर को बार-बार धमकी मिलती थी। इसलिए उसने परिवार की जान बचाने के लिए एक महीने पहले पत्नी को मायके छोड़ दिया। फिर बेटी व बेटे को रिश्तेदार के यहां छोड़ने चला गया और लौटते समय उसकी लाश मिली।
काकोरी इंस्पेक्टर रामपाल सिंह यादव ने बताया कि मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसकी बेटी से 17 नवंबर को दुष्कर्म हुआ था। मृतक ने गांव के पूर्व प्रधान के बेटे जितेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
बकौल इंस्पेक्टर, पीड़िता ने मजिस्ट्रेटी बयान में बउवा का भी नाम लिया। पुलिस ने जितेंद्र और बउवा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों अभी जेल में ही बंद हैं।