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राजधानी में एनकाउंटर के 17 साल बाद हुआ मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश, जानिए क्या था मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 29 Mar 2018 03:23 PM IST
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ghaziabad encounter
- फोटो : अमर उजाला
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ठाकुरगंज इलाके में 17 साल पहले कथित मुठभेड़ में दो बदमाशों के मारे जाने के मामले में डीएम कौशलराज शर्मा ने बुधवार को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। एसीएम-2 को जांच अधिकारी नामित किया है।
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ठाकुरगंज पुलिस ने खड़जा कुल्हड़ भट्ठा जंगल में 24 अप्रैल 2001 को बंथरा थाने के गांव खटोला निवासी राजेंद्र रावत व कृष्णानगर के आजादनगर निवासी महेंद्र सिंह नेगी का एनकाउंटर किया था। दोनों के परिवारीजनों ने फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का आरोप लगाए थे।
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पुलिस की तरफ से दोनों पर कातिलाना हमले का केस दर्ज करके फाइल बंद कर दी गई थी। इस मामले में डीएम ने एसीएम-2 एसके सिंह को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। कहा है कि दोनों की मौत के कारण व परिस्थितियों और विभिन्न बिंदुओं की जांच करके रिपोर्ट सौंपें।
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नामित जांच अधिकारी एसीएम-2 ने बताया कि जिस किसी व्यक्ति को मुठभेड़ के संबंध में जानकारी व बयान दर्ज कराना हो वह किसी भी कार्यदिवस में कलेक्ट्रेट स्थित एसीएम-2 के कोर्ट कक्ष में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर बयान दर्ज करा सकता है।