खनन कारोबारी के बेटे का अपहरण कर करोड़ों की फिरौती वसूलने की साजिश रच रहे बदमाशों की रविवार देर रात इंदिरानगर के कल्याण अपार्टमेंट के पास पुलिस से मुठभेड़ हो गई। रिंगरोड के पास पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग से पूरा इलाका गूंज उठा। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से एक रिवाल्वर, पांच तमंचे और कारतूस बरामद किया गया है।
लखनऊ में देर रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़, ताबड़तोड़ फायरिंग, 6 दबोचे गए
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5 दिन से थी प्लानिंग, 10 करोड़ फिरौती वसूलने की थी साजिश
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि बदमाशों ने पांच दिन से अंकित के अपहरण की प्लानिंग कर रखी थी। मुखबिरों से इसकी भनक लगने के बाद अंकित की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सादे कपड़ों में उसके घर के आसपास पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने बताया कि अंकित का अपहरण कर उसके परिवारीजनों से दस करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने का इरादा था।
पुलिस ने घेराबंदी की तो ताबड़तोड़ फायरिंग
एसएसपी ने बताया कि अंकित के घर के पास कार में घूम रहे बदमाशों को पुलिस ने रोका तो वे स्पीड बढ़ाकर रिंग रोड की तरफ भागे। पुलिस ने पीछा किया तो कल्याण अपार्टमेंट के पास बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर लौटा था अंकित
मूल रूप से उरई के रहने वाले अंकित के परिवारीजनों ने बताया कि वह कुछ दिन पहले ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन का कोर्स पूरा करके लौटा था। पुलिस ने उसके परिवारीजनों को अपहरण की साजिश की जानकारी दी थी। तभी से पूरा परिवार दहशत में था। (अंकित से जानकारी लेते एसएसपी)
महाकवि निराला के पोते की हत्या कर आए थे बदमाश्ा
खनन कारोबारी के बेटे के अपहरण की साजिश रचने वाले सनी सोनकर ने ही बृहस्पतिवार रात इलाहाबाद में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के पोते अखिलेश की बम मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद वह और उसके साथी भागकर लखनऊ आ गए थे। यहां उन्होंने खनन कारोबारी के बेटे का अपहरण करने की साजिश रची। इलाहाबाद से भागे सनी के लखनऊ में शरण लेने की आशंका के बाद से पुलिस उसके मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर पड़ताल कर रही थी। इसी दौरान अपहरण की साजिश का पता चला और पुलिस सतर्क हो गई। (पकड़े गए बदमाश।)
पारा एसओ अजय प्रकाश त्रिपाठी को सनी सोनकर के मोबाइल नंबर का सर्विलांस करने की जिम्मेदारी दी गई थी। अजय ने सनी की बातचीत सुनी तो अपहरण की साजिश का पता चला। पुलिस बदमाशों की तलाश में लग गई लेकिन ज्यादातर वक्त मोबाइल फोन बंद होने से उन तक पहुंचा नहीं जा सका। सनी ने जिन लोगों से बात की थी, पुलिस ने उनके नंबर भी खंगाले। इसमें विनोद और रवि के नंबरों पर ज्यादा बातचीत हो रही थी।