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हेलो राइड कंपनी के मालिक अभय कुशवाहा पर धोखाधड़ी का आरोप, गिरफ्तार
Wed, 13 Mar 2019 01:21 AM IST
manoj tiwari
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: manoj tiwari
Updated Wed, 13 Mar 2019 01:21 AM IST
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लखनऊ। विभूतिखंड में बाइक किराये पर लगाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने वाली हेलो राइड कंपनी के मालिक अभय कुशवाहा को पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ बीते सप्ताह बाराबंकी के कारोबारी अरुण कुमार वर्मा ने कंपनी की निवेश योजना में रुपये लगाने के नाम पर ठगी करने की एफआईआर दर्ज कराई थी। वरिष्ठ उपनिरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि ठगी के अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने बताया कि अभय कुशवाहा मूलरूप से कौशांबी का रहने वाला है और यहां गोमतीनगर में किराये के मकान में रहता है। उसकी कंपनी हेलो रोड का ऑफिस विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर में है। उसने कंपनी में बाइक किराये पर लगाने का झांसा देकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये एकत्र करके हजम कर लिए। जब निवेशकों को बाइक के किराये के रूप में दी जाने वाली रकम नहीं मिली तो उन्होंने कंपनी के ऑफिस के चक्कर लगाने शुरू किए। अभय और उसके कर्मचारियों ने पहले तो लोगों को टालना शुरू किया। इसके बाद वह गुंडागर्दी और मारपीट करके निवेशकों को भगाने लगा।
आरोप है कि पांच मार्च की शाम बाराबंकी के रामनगर सुठियामऊ निवासी अरुण कुमार वर्मा, अजीमुद्दीन और दिलीप कुमार नाग अपना रुपया वापस मांगने कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो उनकी लाठियों से जमकर पिटाई की गई। तीनों ने कंपनी के मालिक अभय कुशवाहा समेत निदेशक नीलम वर्मा, राजेश पांडेय व अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस तीनों की तलाश में कई बार हेलो राइड कंपनी के ऑफिस पहुंची लेकिन कोई आरोपी नहीं मिला। इस बीच मंगलवार शाम अभय कुशवाहा को पुलिस ने गोमतीनगर स्थित उसके घर से दबोच लिया।
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61000 रुपये देने पर हर माह 9585 रुपये कमाने का दिया लालच
अभय ने निवेश की योजना में 61000 रुपये एकमुश्त जमा करने पर हर महीने 9585 रुपये कमाने का लालच दिया था। उसका कहना था कि बाइक का चालक, ईंधन और मेंटेनेंस का सारा खर्च कंपनी वहन करेगी। अरुण कुमार वर्मा ने अभय के झांसे में आकर चार बाइक की रकम के रूप में 2,44,000 रुपये और दिलीप कुमार नाग ने तीन बाइक के लिए 1,83,000 रुपये कंपनी को दिए थे। इसके अलावा बाराबंकी के करीब 50 लोगों ने भी कंपनी में 25 लाख रुपये के आसपास निवेश किए थे। पुलिस का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अभय ने हेलो राइड कंपनी के नाम पर लोगों से कई करोड़ रुपये जमा कराए।
मारपीट करने वाले बदमाशों की हुई पहचान
रुपये मांगने पर अरुण और अन्य निवेशकों के साथ मारपीट करने वाले बदमाशों की पुलिस ने पहचान कर ली है। अरुण ने कंपनी के कर्मचारी गौरव वर्मा, नावेद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बाकी दो की पहचान राहुल द्विवेदी और आयूष तिवारी के रूप में हुई है। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में मारपीट करने वालों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं।
िरयल एस्टेट के नाम पर भी शातिर ने ठगे हैं करोड़ों रुपये
अभय कंपनी की आड़ में िरयल एस्टेट का काम कर रहा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसने कंपनी में निवेश का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये वसूले और जमीन के धंधे में लगा दिए। हेलो राइड कंपनी उसके िरयल एस्टेट कारोबार का एक मुखौटा मात्र है। उसने मोहनलालगंज में जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी बड़ी धांधली की है।
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वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने बताया कि अभय कुशवाहा मूलरूप से कौशांबी का रहने वाला है और यहां गोमतीनगर में किराये के मकान में रहता है। उसकी कंपनी हेलो रोड का ऑफिस विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर में है। उसने कंपनी में बाइक किराये पर लगाने का झांसा देकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये एकत्र करके हजम कर लिए। जब निवेशकों को बाइक के किराये के रूप में दी जाने वाली रकम नहीं मिली तो उन्होंने कंपनी के ऑफिस के चक्कर लगाने शुरू किए। अभय और उसके कर्मचारियों ने पहले तो लोगों को टालना शुरू किया। इसके बाद वह गुंडागर्दी और मारपीट करके निवेशकों को भगाने लगा।
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आरोप है कि पांच मार्च की शाम बाराबंकी के रामनगर सुठियामऊ निवासी अरुण कुमार वर्मा, अजीमुद्दीन और दिलीप कुमार नाग अपना रुपया वापस मांगने कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो उनकी लाठियों से जमकर पिटाई की गई। तीनों ने कंपनी के मालिक अभय कुशवाहा समेत निदेशक नीलम वर्मा, राजेश पांडेय व अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस तीनों की तलाश में कई बार हेलो राइड कंपनी के ऑफिस पहुंची लेकिन कोई आरोपी नहीं मिला। इस बीच मंगलवार शाम अभय कुशवाहा को पुलिस ने गोमतीनगर स्थित उसके घर से दबोच लिया।
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61000 रुपये देने पर हर माह 9585 रुपये कमाने का दिया लालच
अभय ने निवेश की योजना में 61000 रुपये एकमुश्त जमा करने पर हर महीने 9585 रुपये कमाने का लालच दिया था। उसका कहना था कि बाइक का चालक, ईंधन और मेंटेनेंस का सारा खर्च कंपनी वहन करेगी। अरुण कुमार वर्मा ने अभय के झांसे में आकर चार बाइक की रकम के रूप में 2,44,000 रुपये और दिलीप कुमार नाग ने तीन बाइक के लिए 1,83,000 रुपये कंपनी को दिए थे। इसके अलावा बाराबंकी के करीब 50 लोगों ने भी कंपनी में 25 लाख रुपये के आसपास निवेश किए थे। पुलिस का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अभय ने हेलो राइड कंपनी के नाम पर लोगों से कई करोड़ रुपये जमा कराए।
मारपीट करने वाले बदमाशों की हुई पहचान
रुपये मांगने पर अरुण और अन्य निवेशकों के साथ मारपीट करने वाले बदमाशों की पुलिस ने पहचान कर ली है। अरुण ने कंपनी के कर्मचारी गौरव वर्मा, नावेद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बाकी दो की पहचान राहुल द्विवेदी और आयूष तिवारी के रूप में हुई है। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में मारपीट करने वालों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं।
िरयल एस्टेट के नाम पर भी शातिर ने ठगे हैं करोड़ों रुपये
अभय कंपनी की आड़ में िरयल एस्टेट का काम कर रहा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसने कंपनी में निवेश का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये वसूले और जमीन के धंधे में लगा दिए। हेलो राइड कंपनी उसके िरयल एस्टेट कारोबार का एक मुखौटा मात्र है। उसने मोहनलालगंज में जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी बड़ी धांधली की है।