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कभी नहीं सुनी होगी ठगी की ऐसी वारदात

Sun, 14 Sep 2014 03:30 AM IST
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 14 Sep 2014 03:30 AM IST
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fraud took money on the name of job in malysia.

नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी का खेल बदस्तूर जारी है। सरकारी नौकरी के साथ ही विदेश भेजने के नाम पर सैकड़ों लोग हजारों-लाखों रुपये गंवा चुके हैं।

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मुफ्तीगंज निवासी आरिफ और उसके साथी भी ऐसे ही गिरोह का शिकार बने। मलेशिया में नौकरी का झांसा देकर कबूतरबाज उन्हें चेन्नई में छोड़कर फरार हो गए।

एक महीने तक चेन्नई में भटकने के बाद किसी तरह लौटे पीड़ित अब रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। डेढ़ महीना बीतने के बावजूद अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
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मुफ्तीगंज निवासी आरिफ रजा ने बताया कि नौकरी की तलाश में विभिन्न दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। इसी दौरान ठाकुरगंज के गढ़ी पीर खां निवासी मिर्जा रईस बेग और मेराज से मुलाकात हुई।

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कई लोगों ने दिया एक साथ पैसा

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दोनों ने 85 हजार रुपये में यमन का वीजा दिलवाने की बात कही। आरिफ ने रकम दे दी। हालांकि मेडिकल में फेल होने के चलते वीजा नहीं मिल सका। इस पर रईस और मेराज ने रकम लौटाते हुए कहा कि अपना फंडा है कि काम न होने पर पूरी रकम वापस।

विश्वास जीतने के बाद दोनों ने आरिफ से कहा कि खाड़ी मुल्कों में अच्छी सेटिंग है। अगर कई लोग हों तो आसानी से काम करा देंगे। झांसे में आए आरिफ ने अपने नौ अन्य परिचितों को तैयार किया।

नौकरी के लालच में सबने रुपये दे दिए। कुल नौ लाख पांच हजार रुपये जुटाकर दे दिए। इसके बाद रईस व मेराज अपने सहयोगी राशिद की मदद से जून में आरिफ व उसके तीन परिचितों को चेन्नई ले गया।

जबकि बाकी लोगों को मुंबई से फ्लाइट पकड़वाने का आश्वासन दिया। उधर, चेन्नई पहुंचने पर आरिफ और उसके साथी अपने-अपने खर्च पर होटल में ठहरे।

नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट

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कबूतरबाजों ने वीजा की प्रक्रिया में कुछ समय लगने की बात कही। इंतजार में आरिफ अपने साथियों के साथ एक महीने तक होटल में रुका रहा। आरोपी पहले तो फोन पर संपर्क में रहे, लेकिन बाद में फोन बंद हो गए।

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित किसी तरह लखनऊ लौटे। तब तक आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो चुके थे। तलाश के बावजूद कुछ पता न चलने पर पीड़ितों ने 17 अगस्त को ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी।

बावजूद इसके रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। कई चक्कर काटने के बावजूद सुनवाई न होती देख एसपी पश्चिम और सीओ चौक से मिले, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। नौकरी के चक्कर में अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके युवक अब तक पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं।

मामले पर एसओ ठाकुरगंज का कहना है क‌ि आरिफ रिपोर्ट दर्ज कराने आए थे। पूछताछ में ठाकुरगंज थानाक्षेत्र में रुपये न देने की जानकारी पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ितों को तालकटोरा थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए।

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