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हीरोगिरी में चली थी विमेन पावर लाइन की कैंटीन में गोली
अनिल त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Fri, 08 Nov 2013 02:11 AM IST
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वीमेन पावर लाइन में फायरिंग हीरोगीरी में हुई थी।
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घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों का कहना कि कैंटीन में शराब का दौर चलने के बाद 1090 का प्रभारी नशे में पिस्टल का प्रदर्शन कर रहा था।
इसी दौरान फायर हो गया। लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार प्रभारी ऐसे ही पिस्टल का प्रदर्शन कर चुका है।
इस घटना में गोली सिपाहियों को लगने के बाद मामला गंभीर होता देख प्रभारी ने मामले को दबाने के प्रयास शुरू कर दिए।
मामला तूल पकड़ने पर डीआईजी ने सीओ हजरतगंज से जांच की बात कही। मगर, देर रात तक वह ऐसा कोई आदेश मिलने से इन्कार करते रहे। वीमेन पावर लाइन में फायरिंग को लेकर कर्मचारियों की दो गुट बन गए हैं।
एक गुट पूरी घटना पर पर्दा डालने में जुटा तो एक गुट सच्चाई सामने लाना चाहता है। वीमेन पावर लाइन के एक कर्मचारी की मानें तो घटना की रात भी कैंटीन में रोज की तरह प्रभारी व उसके साथियों के शराब पीने का दौर चल रहा था।
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उस समय कैंटीन में एक चर्चित महिला दरोगा भी मौजूद थी। नशे में बातचीत के दौरान 1090 प्रभारी कुंवर राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पिस्टल निकाल ली और प्रदर्शन करने लगा। इसी दौरान अचानक गोली चल गई।
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गोली फर्श से टकराकर सिपाहियों के लगी उसके बाद कैंटीन में हड़कंप मच गया। प्रभारी ने घटना छिपाने को घायल सिपाहियों का आलमबाग स्थित नर्सिंग होम में इलाज करा छुट्टी पर भेज दिया।
जबकि, अन्य कर्मचारियों को मुंह बंद रखने की हिदायत दी। लेकिन, मामला डीआईजी रेंज नवनीत सिकेरा तक पहुंच गया।
डीआईजी ने प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। गलत तथ्य प्रस्तुत कर प्रभारी ने डीआईजी को भी भरमा दिया गया।
मामला तूल पकड़ने पर डीआईजी ने जांच सीओ हजरतगंज दिनेश यादव को सौंप दी। देर रात सीओ गंज ने जांच संबंधी कोई आदेश न मिलने की बात कही।