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चेकिंग के दौरान सिपाही को मारी गोली, बहादुर ने दौड़ाकर बदमाशों को दबोचा
Wed, 06 Mar 2019 01:41 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Wed, 06 Mar 2019 01:41 AM IST
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जख्मी सिपाही
- फोटो : अमर उजाला
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नाका में सोमवार आधी रात मेट्रो स्टेशन के पास चेकिंग कर रहे सिपाही अजीत यादव को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी। गोली पेट पर बायीं तरफ लगी। वारदात के बाद बदमाश तमंचा लहराते हुए भागने लगे, लेकिन अजीत बहादुरी दिखाते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ा।
कुछ दूर खदेड़कर उसने बाइक सवार दो बदमाशों को दबोच लिया। साथी पुलिसकर्मियों ने बदमाशों को काबू कर अजीत को ट्रॉमा सेंटर भेजा। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वारदात की खबर लगते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे।
मंगलवार सुबह पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायल सिपाही का हालचाल लिया। उन्होंने सिपाही को वीरता पुरस्कार के लिए संस्तुति की है। वहीं, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन राजीव कृष्ण ने अजीत यादव को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए बदमाश लखीमपुर के फरधान स्थित सैदापुर भाऊ गांव निवासी व यहां पारा में जलालपुर फाटक के पास रहने वाला विशाल शर्मा और उसका साथी काकोरी के मोहान रोड निवासी रानू पासी हैं। दोनों रात करीब पौने तीन बजे बाइक से किसी वारदात के इरादे से घूम रहे थे।
मेट्रो स्टेशन के पास उपनिरीक्षक उमेश चंद्र, सिपाही अजीत यादव, वैभव मिश्रा और सरजू तिवारी संदिग्धों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सामने से बाइक पर सवार दो युवक आते दिखे। सिपाही अजीत के इशारे पर दोनों ने बाइक रोक दी।
हालांकि, जैसे ही वह उनकी तलाशी लेने आगे बढ़ा, एक बदमाश ने तमंचा निकालकर फायर कर दिया। गोली अजीत के पेट के बायीं तरफ धंस गईं। वहीं, फायर की आवाज सुनकर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। इस बीच बदमाश बाइक लेकर भागने लगे।
घायल होने के बाद भी अजीत उनके पीछे दौड़ पड़ा। कुछ दूरी पर उसने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। पीछे से आए साथी पुलिसकर्मी उसे अस्पताल लेकर भागे, जबकि दोनों बदमाशों को पकड़कर थाने ले जाया गया। उनके पास से .315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए बदमाश खुद को पीओपी कारीगर बता रहे हैं। हालांकि, उनके असलहा लेकर घूमने का इरादा कुछ और ही था। फिलहाल, दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। दोनों के खिलाफ हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
दोस्त से मांगकर लाए थे तमंचा
पकड़े गए बदमाश विशाल शर्मा और रानू पासी ने बताया कि दोनों करीब दो साल से परिचित हैं और नशे के आदी हैं। विशाल ने बताया कि तमंचा उसके लखीमपुर निवासी दोस्त का है। बीते दिनों वह लखीमपुर गया था तो दोस्त से तमंचा मांगकर लाया था। तमंचा रखने की वजह पूछने पर उसने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए तमंचा लाया था।
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कुछ दूर खदेड़कर उसने बाइक सवार दो बदमाशों को दबोच लिया। साथी पुलिसकर्मियों ने बदमाशों को काबू कर अजीत को ट्रॉमा सेंटर भेजा। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वारदात की खबर लगते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे।
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मंगलवार सुबह पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायल सिपाही का हालचाल लिया। उन्होंने सिपाही को वीरता पुरस्कार के लिए संस्तुति की है। वहीं, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन राजीव कृष्ण ने अजीत यादव को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए बदमाश लखीमपुर के फरधान स्थित सैदापुर भाऊ गांव निवासी व यहां पारा में जलालपुर फाटक के पास रहने वाला विशाल शर्मा और उसका साथी काकोरी के मोहान रोड निवासी रानू पासी हैं। दोनों रात करीब पौने तीन बजे बाइक से किसी वारदात के इरादे से घूम रहे थे।
मेट्रो स्टेशन के पास उपनिरीक्षक उमेश चंद्र, सिपाही अजीत यादव, वैभव मिश्रा और सरजू तिवारी संदिग्धों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सामने से बाइक पर सवार दो युवक आते दिखे। सिपाही अजीत के इशारे पर दोनों ने बाइक रोक दी।
हालांकि, जैसे ही वह उनकी तलाशी लेने आगे बढ़ा, एक बदमाश ने तमंचा निकालकर फायर कर दिया। गोली अजीत के पेट के बायीं तरफ धंस गईं। वहीं, फायर की आवाज सुनकर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। इस बीच बदमाश बाइक लेकर भागने लगे।
घायल होने के बाद भी अजीत उनके पीछे दौड़ पड़ा। कुछ दूरी पर उसने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। पीछे से आए साथी पुलिसकर्मी उसे अस्पताल लेकर भागे, जबकि दोनों बदमाशों को पकड़कर थाने ले जाया गया। उनके पास से .315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए बदमाश खुद को पीओपी कारीगर बता रहे हैं। हालांकि, उनके असलहा लेकर घूमने का इरादा कुछ और ही था। फिलहाल, दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। दोनों के खिलाफ हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
दोस्त से मांगकर लाए थे तमंचा
पकड़े गए बदमाश विशाल शर्मा और रानू पासी ने बताया कि दोनों करीब दो साल से परिचित हैं और नशे के आदी हैं। विशाल ने बताया कि तमंचा उसके लखीमपुर निवासी दोस्त का है। बीते दिनों वह लखीमपुर गया था तो दोस्त से तमंचा मांगकर लाया था। तमंचा रखने की वजह पूछने पर उसने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए तमंचा लाया था।