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हेलो राइड कंपनी के खिलाफ कानपुर में 88 करोड़ रुपये ठगी का केस

Sat, 20 Apr 2019 01:18 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Sat, 20 Apr 2019 01:18 AM IST
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Fir of fraud of 88 crore against hello ride company
अभय कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
बाइक किराये पर चलवाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाली हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन/सीएमडी अभय कुशवाहा के खिलाफ कानपुर के नौबस्ता थाना में 88 करोड़ रुपये ठगी का मामला दर्ज कराया गया है। शातिर अभय के खिलाफ लखनऊ के विभूतिखंड थाना में 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल वह जेल में है।
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ठगी के इस गोरखधंधे में शामिल अभय के अन्य साथी भागे हुए हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। कानपुर के नौबस्ता थाना के प्रभारी निरीक्षक समर बहादुर सिंह के मुताबिक, केशवनगर निवासी प्रशांत कुमार तिवारी ने कोर्ट के जरिए हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा समेत 20 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कराया है।
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प्रशांत का कहना है कि संजयगांधी नगर निवासी अभय की कंपनी इनफिनिटी वर्ल्ड ग्रुप के बिजनेस प्रमोटर राजीव सिंह के जरिए वह लखनऊ के हजरतगंज जॉपलिंग रोड पर सूरजदीप कॉम्प्लेक्स स्थित ऑफिस गया था।
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वहां पता चला कि इनफिनिटी वर्ल्ड ग्रुुप के तहत अभय इनफिनिटी वर्ल्ड इन्फ्रा वेंचर लिमिटेड के नाम से रीयल एस्टेट का काम करता है तथा हाल ही में बाइक किराये पर चलवाने के लिए हेलो राइड नाम की कंपनी शुरू की है। हेलो राइड का ऑफिस विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर में था।

राजीव ने हेलो राइड कंपनी में मात्र 61 हजार रुपये निवेश करने पर प्रति महीने मोटा मुनाफा कमाने की आकर्षक योजना के बारे में बताया। कंपनी ने प्रत्येक निवेशक को एक साल तक बाइक के किराये के रूप में 4500 रुपये और ईएमआई के रूप में 5085 रुपया देने का अनुबंध किया था।

इसके अलावा मल्टीलेवल मार्केटिंग सिस्टम के तहत चेन सिस्टम बनाने का भी ऑफर दिया। इसमें नये निवेशकों को जोड़ने पर प्रति यूनिट 2250 रुपये कमाने की बात कही गई थी। राजीव सिंह की पत्नी वीना सिंह भी कंपनी के लिए काम कर रही थीं।

प्रशांत को योजना पसंद आई और उसने 1443 लोगों को कंपनी से जोड़कर 8.80 करोड़ रुपये जमा कराए। शुरुआत के कुछ महीने तक कंपनी ने लोगों को रुपये दिए। नवंबर 2018 से भुगतान बंद कर दिया। प्रशांत व अन्य निवेशकों ने कंपनी के ऑफिस में संपर्क किया तो अभय ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए उन्हें टरका दिया।

प्रशांत ने बताया कि उनके परिचित रायपुरवा निवसी राजेश कुमार वर्मा और उनकी पत्नी ने भी हजारों निवेशकों को जोड़कर कंपनी के खाते में करीब 80 करोड़ रुपये जमा कराए थे। भुगतान न होने पर प्रशांत और राजेश ने कंपनी के चेयरमैन अभय कुशवाहा पर दबाव बनाया तो 10 मार्च 2019 को वह निखिल कुशवाहा, मो. आजम अली, राजेश पांडेय, शकील अहमद खां, गौरव वर्मा, नावेद व आठ-10 बाउंसर के साथ उसके घर आ धमका।

प्रशांत का आरोप है कि चेयरमैन व उसके साथ आए लोगों ने असलहे तानकर जान से मारने की धमकी दी। प्रशांत ने अभय कुशवाहा, अभय कुमार, निखिल कुशवाहा, नीलम वर्मा, मो. आजम अली, राजेश पांडेय, शकील अहमद खान, रागिनी गुप्ता, गौरव वर्मा, नावेद व आठ-10 बाउंसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।


सीतापुर में डिप्टी एसपी के पद पर है अभय की पत्नी!
प्रशांत का कहना है कि चेयरमैन अभय कुशवाहा की पत्नी सीतापुर में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात है। हालांकि, इसकी अधिकारिक पुष्टि नही हो सकी है। अभय खुद भी पुलिस की नौकरी में रहने की बात करता है। दस मार्च को प्रशांत के घर आकर उसने यही बात कहकर धमकी दी थी। प्रशांत के मुताबिक, अभय ने कहा था कि वह पुलिस की नौकरी छोड़कर आया है। बकौल प्रशांत, उसने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस महकमे से जुड़ा होने के चलते कार्रवाई नही हुई।
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