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लखनऊ: महिला सिपाही की हत्या के आरोप में तहसीलदार पत्नी समेत गिरफ्तार, फेसबुक पर हुई थी दोस्ती

Mon, 21 Feb 2022 12:40 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 21 Feb 2022 12:40 AM IST
सार

गिरफ्तार किए गए तहसीलदार के अनुसार,  फेसबुक के जरिए रुचि से उसकी दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच गहरे संबंध थे। रुचि पहले से ही विवाहित थी। फिर वह लगातार तहसीलदार पर शादी करने का दबाव बना रही थी।

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Dead body of Sipahi Ruchi Singh identify in Lucknow.
महिला सिपाही रुचि सिंह। - फोटो : amar ujala

विस्तार

पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला आरक्षी रुचि सिंह की हत्या के आरोप में पुलिस ने प्रतापगढ़ की रानीगंज तहसील में तैनात तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव, उसकी पत्नी व एक दोस्त को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। रचि का शव बृहस्पतिवार को राजधानी के पीजीआई के माती इलाके में मिला था। उसके भाई की तहरीर पर पीजीआई थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया था।

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डीसीपी पूर्वी अमित आनंद के ने बताया कि महिला सिपाही की मौत सिर पर भारी सामान से वार करने से हुई थी। जांच में यह सामने आया है कि महिला आरक्षी व तहसीलदार के बीच करीब पांच साल पहले फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए। पति को तलाक देने के बाद महिला सिपाही तहसीलदार पर शादी के लिए दबाव डाल रही थी। इससे आजिज आकर पद्मेश ने यह साजिश रची। उसने रुचि को फोन कर पीजीआई अस्पताल के पास बुलाया। पद्मेश व उसकेदोस्त नामवर ने उसे खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया जिससे वह बेहोश हो गई। तब आरोपियों ने गला दबाकर उसकी जान ले ली थी। इसके बाद 12 फरवरी की रात को शव माती नाले में फेंककर भाग निकले थे।
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दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा महिला सिपाही ने लिया था तलाक
पीजीआई के माती इलाके में नाले में जिस महिला सिपाही रुचि सिंह का शव बृहस्पतिवार को मिला था, उसने पति पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराकर तलाक लिया था। डीसीपी पूर्वी अमित आनंद के मुताबिक, रुचि की शादी जून 2019 में कांस्टेबल नीरज के साथ हुई थी। दिसंबर 2019 में रुचि भी बतौर सिपाही भर्ती हो गई। लेकिन इसके पहले से ही प्रयागराज के तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। नौकरी पाने के बाद रुचि ने अपने पुराने प्रेम को उजागर कर दिया।

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इसके पहले उसने पति नीरज के खिलाफ  दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया। इसके बाद पद्मेश के कहने पर तलाक का केस कर दिया। कुछ माह बाद ही दोनों का तलाक हो गया। आरोप है कि तलाक भी तहसीलदार ने ही कराया था। नजदीकियां बढ़ने के बाद रुचि, पद्मेश पर शादी का दबाव बनाने लगी। दबाव बढ़ने पर पद्मेश ने रुचि को बताया कि वह शादीशुदा है। इसके बाद से दोनों में विवाद शुरू हो गया था। रुचि हर हाल में पद्मेश से शादी करना चाहती थी। अक्सर दोनों का मोबाइल पर झगड़ा होता था। पद्मेश ने पत्नी प्रगति को पूरी बात बता दी थी। बार-बार कॉल आने से पद्मेश परेशान था। उसका पत्नी से भी आए दिन विवाद होने लगा था। वारदात से कुछ दिन पहले रुचि ने पद्मेश को कॉल की थी जिसे प्रगति ने उठाया था। प्रगति ने रुचि से बात की थी। इस दौरान मोबाइल पर दोनों में जमकर कहासुनी हो गई। इसके बाद पद्मेश ने रुचि की हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए उसने अपने परिचित नामवर सिंह को साजिश में शामिल किया।


रुचि के शव की शिनाख्त के बाद से पुलिस उसकी कॉल डिटेल के जरिए हत्यारे की तलाश कर रही थी। रुचि ने आखिर कॉल प्रतापगढ़ रानीगंज के तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव के मोबाइल नंबर पर की थी। रुचि की आखिरी लोकेशन पीजीआई इलाके में मिली थी जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद हो गया था। कॉल डिटेल के आधार पर पीजीआई पुलिस रविवार देर रात तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव तक पहुंच गई। उससे पूछताछ में सामने आ गया कि महिला सिपाही की एक साल पहले फेसबुक के जरिए पद्मेश से दोस्ती हुई थी।

 

उनकी पहली मुलाकात एक जमीन के मामले में हुई। दोस्ती बाद में प्रेम में बदल गई। हालांकि दोनों पहले से ही शादीशुदा थे। महिला सिपाही के भाई की तहरीर पर पीजीआई पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव, उनकी पत्नी प्रगति व उनके सहयोगी नामवर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक,महिला सिपाही की मौत सिर पर भारी सामान से वार करने से हुई थी। पोस्टमार्टम के दौरान वीडियो व फोटोग्राफी कराई गई है। वहीं स्लाइड व स्वॉव बनाया गया है। जांच के लिए बिसरा भी सुरक्षित रखा गया है।
 

सात दिन बाद दर्ज हुई थी गुमशुदगी

सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शनिवार को रुचि के लापता होने का मामला पुलिस मुख्यालय में तैनात अनुभाग अधिकारी एमपी सिंह ने दर्ज कराया था। वहीं, रविवार को सिपाही के भाई शुभम ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर बृहस्पतिवार को नाले से मिले शव की पहचान बहन के तौर पर की है। बिजनौर निवासी रुचि सिंह की तैनाती पुलिस मुख्यालय में थी। 13 फरवरी को उसकी ड्यूटी थी। काम पर नहीं आने पर रुचि को उसके साथी तलाश रहे थे। उसकी सहेली ने सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर मदद मांगी थी। वहीं रुचि का मोबाइल भी लगातार बंद था। सिपाही के बारे में कोई जानकारी न मिलने के बाद शनिवार को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। वहीं 17 फरवरी को माती स्थित नाले में एक महिला का शव मिला था जिसका हुलिया लापता सिपाही से मेल खा रहा था।

मिलने के लिए बुलाया और कर दी हत्या
इंस्पेक्टर पीजीआई धर्मपाल सिंह के मुताबिक, रुचि अर्जुनगंज में किराये के कमरे में रहती थी। पद्मेश के बुलाने पर रुचि कैब से पीजीआई अस्पताल के सामने पहुंची। पद्मेश और नामवर गाड़ी लेकर उसका इंतजार कर रहे थे। रुचि के गाड़ी में बैठने पर आरोपितों ने उसे खाने के सामान में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया था। रुचि बेहोश हो गई तो आरोपितों ने सांस की नली दबाकर उसकी जान ले ली थी। हत्या के बाद 12 फरवरी की रात में ही कल्ली स्थित माती में शव को नाले में फेंककर भाग निकले थे।

बतौर पत्नी सरकारी आवास पर जाती थी रुचि
पद्मेश की पोस्टिंग प्रतापगढ़ में थी लेकिन उसका परिवार प्रयागराज में रहता था। पद्मेश पहले से शादीशुदा होने के बावजूद रुचि से रिलेशनशिप में था। वह अक्सर रुचि से मिलने उसके गोमतीनगर विस्तार के सुलभ आवास में किराये के फ्लैट पर आता था। रुचि भी उसकी पत्नी बनकर प्रतापगढ़ में उसके सरकारी आवास पर कई दिन तक रुकती थी। पद्मेश ने उसे भरोसा दिलाया था कि शादी करने के बाद लखनऊ में अपना फ्लैट लेकर दोनों यहीं रहेंगे। पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त को रुचि का भाई शुभम लखनऊ में सब इंस्पेक्टर की परीक्षा देने आया तो उसने भाई को सारी कहानी बताई। मौत से कुछ घंटे पहले भी रुचि ने अपनी भाभी शालिनी को मोबाइल पर कॉल करके बताया था कि पद्मेश उससे मिलने आया है। 

पिता ने कहा कि आरोपियों को सजा दिलाकर दम लूंगा   

लखनऊ में तैनात महावतपुर नजीबाबाद निवासी महिला सिपाही रुचि सिंह की हत्या से मृतका के परिवार वाले गहरे सदमे में हैं। रुचि के पिता योगेंद्र सिंह ने हत्यारोपी तहसीलदार को कड़ी सजा दिलाकर ही दम लेने की बात कही है। सिपाही की हत्या से परिवार में कोहराम मचा है।

नजीबाबाद के गांव महावतपुर बिल्लौच निवासी किसान योगेंद्र सिंह की पुत्री 28 वर्षीय रुचि सिंह लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात थी। 13 फरवरी को रुचि सिंह घर से ड्यूटी के लिए निकली पर मुख्यालय नहीं पहुंची। लापता हो गई और उसका मोबाइल बंद आ रहा था। उसकी गुमशुदगी लखनऊ के सुशांत गोल्फी थाने में पुलिस विभाग की ओर से दर्ज कराई गई थी।

लापता रुचि सिंह का शव बृहस्पतिवार को पीजीआई स्थित माती नाले में मिला था। कॉल डिटेल के आधार पर प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज में तैनात तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव से प्रेम संबंध का मामला प्रकाश में आया। एमडीकेवी नजीबाबाद से उसने इंटर किया। वर्ष 2019 बेच की महिला सिपाही ने पुलिस में भर्ती के दौरान परिजनों की मर्जी के बगैर सिपाही नीरज से प्रेम विवाह किया। विवाह के बाद से ही रुचि के पिता योगेंद्र चौहान और परिजनों ने उससे संबंध रखना बंद कर दिया था।

लखनऊ पुलिस मुख्यालय से रुचि की मौत की खबर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। रुचि का छोटा भाई शुभम ने लखनऊ पहुंचकर उसका पोस्टमार्टम कराया। रुचि के पिता योगेंद्र, माता रानी देवी, अपनी बेटी की हत्या से दुखी हैं। पूर्व प्रधान धर्मपाल सिंह और ग्रामीणों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। पिता योगेंद्र सिंह का कहना है कि बेटी को प्रेमजाल में फंसा कर उसकी हत्या कराने वाले तहसीलदार पदमेश और हत्या में शामिल दोषियों को कड़ी सजा दिलाकर ही उन्हें शांति मिलेगी। देर रात तक रुचि सिंह का शव गांव पहुंचने की संभावना है। परिजनों के अनुसार प्रात: अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

रुचि सिंह का सिपाही पति से चल रहा था विवाद  
मृतका महिला सिपाही रुचि सिंह का अपने पति सिपाही नीरज सिंह से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि फेसबुक से रुचि सिंह की तहसीलदार पदमेश से परिचय के साथ प्रेम संबंध हो गए। शव लेने लखनऊ पहुंचे रुचि के भाई शुभम ने बताया कि आरोपी तहसीलदार को कॉल डिटेल के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

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