{"_id":"61efa433d58d2d7aa51d9007","slug":"cab-driver-commits-suicide-in-gudamba-tha-akshetra-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेड़ पर लटका मिला कैब चालक का शव: कार की 20 किश्तें न चुका पाने से था परेशान, काम भी नहीं मिल रहा था","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
पेड़ पर लटका मिला कैब चालक का शव: कार की 20 किश्तें न चुका पाने से था परेशान, काम भी नहीं मिल रहा था
Tue, 25 Jan 2022 12:48 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 25 Jan 2022 12:48 PM IST
सार
गुडंबा थाना क्षेत्र के बसहा में कार की किश्तें न चुका पाने से तनाव में आए कैब चालक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी कार की 20 किश्तें बाकी थीं।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के बसहा में मंगलवार सुबह कैब चालक का शव संदिग्ध हालात में पेड़ से बंधे फंदे पर लटका मिला है। हालांकि मृतक के परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विभिन्न पहलुओं पर छानबीन शुरू की है।
विज्ञापन
गुडंबा के पैकरामऊ निवासी मोहम्मद फरीद (25) अपनी कैब चलाता था। सोमवार रात 10:30 बजे वह बुकिंग पर जाने की बात कहकर कैब लेकर घर से गया था। रात में फरीद घर नहीं लौटा। मंगलवार सुबह गुडंबा के ही बसहा स्थित हंस मैरिज लॉन के सामने बाग में पेड़ से बंधे फांसी के फंदे पर फरीद का शव लटका मिला। शव दस फिट से अधिक ऊंचाई पर लटका था। ऐसे में स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
पुलिस ने मौका मुआयना करके शव फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं, मौके पर पहुंचे फरीद के पिता अब्दुल गनी व अन्य परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस का कहना है कि छानबीन की जा रही है कि किन परिस्थितियों में फरीद की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
किश्तें नहीं चुका पाने से था परेशान
गुडंबा इंस्पेक्टर सतीश साहू के मुताबिक फरीद ने दो साल पहले बैंक से लोन लेकर स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। इससे कैब संचालित करके वह प्रतिमाह 14,380 रुपये किश्त जमा करने के साथ ही परिवार का गुजारा करता था। कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते अधिक काम नहीं मिलने से फरीद परेशान रहता था। कार की 20 किश्तें अब भी बाकी होने से वह तनाव में था। ऐसे में फरीद की मौत को पुलिस आत्महत्या मान रही है। हालांकि इंस्पेक्टर का कहना है कि छानबीन में जो भी तथ्य सामने आएंगे उन्हीं के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।