यूपीः लड़की का पीछा करने पर तीन साल की कैद
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यूपी में छेड़खानी के मामले में पहली बार कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। ये मामला यूपी में कानपुर शहर का है। एतराज जताने के बावजूद लड़की का पीछा करने में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एमएम) सुशील कुमार की कोर्ट ने आरोपी बस चालक को तीन साल कैद और पांच हजार रुपये की सजा सुनाई है।
अभियोजन का दावा है कि छेड़खानी की धारा में संशोधन के बाद इस धारा में शहर में सुनाई गई यह पहली सजा है। बस चालक पर धमकी देकर वसूली करने की धारा भी लगाई गई थी। इसमें उसे बरी कर दिया गया।
चकेरी के एक व्यक्ति ने रेलवे कालोनी निवासी इकलाख खान उर्फ गुड्डू मूल निवासी ग्राम शिवपुरी थाना खखरेरू पर चकेरी थाने में 22 अगस्त 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था 2007 में उनकी बेटी बड़ा चौराहे पर कोचिंग पढ़ने सिटी बस से जाती थी।
लड़की ने 1090 पर की बस चालक की शिकायत
सिटी बस चालक ने उसे अपना नाम गुड्डू यादव बताया था। रोज आने-जाने के कारण जान-पहचान हो गई। 2009 में लड़की को पता चला कि बस चालक का असली नाम इकलाख खान है। इस पर लड़की ने उससे बात करना बंद कर दिया। इस पर सिटी बस चालक उसे परेशान करने लगा।
वह उसका पीछा करने लगा। 10 जुलाई 2013 को उसने धोखे से कोल्ड ड्रिंक्स में कुछ मिलाकर विवाह की औपचारिकता कर वीडियोग्राफी करा ली। 16 सितंबर 2013 को लड़की की एसबीआई में नौकरी लग गई।
आते-जाते इकलाख पीछा करता और धमकी देते हुए उससे पैसे छीन लेता था। तेजाब से नहलाने की धमकी भी दी। वूमेन पॉवर 1090 पर शिकायत पर मामला कोर्ट में चला।
गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आपत्ति के बावजूद लड़की का पीछा करने में सजा सुनाई। इकलाख को पहले ही हाईकोर्ट तक से जमानत नहीं मिली थी इसलिए वह जेल में ही है। कोर्ट ने जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित करने को कहा है।