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Lucknow News: आवास एवं विकास परिषद के लिपिक पर भ्रष्टाचार का केस
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लखनऊ। आवास एवं विकास परिषद का एक लिपिक रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस गया है। एंटी करप्शन की जांच में आरोप सही साबित हुए हैं। इस पर एंटी करप्शन में तैनात इंस्पेक्टर लक्ष्मी नारायण यादव ने लिपिक के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता पवन कुमार चौधरी और दिलीप विश्वकर्मा ने वृंदावन आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन किया था। आवास एवं विकास परिषद में तैनात लिपिक राजेंद्र प्रसाद ने पवन से चार लाख 31 हजार 142 रुपये और दिलीप से पांच लाख 37 हजार 140 रुपये की रिश्वत ली थी। एंटी करप्शन की जांच में सामने आया कि राजेंद्र प्रसाद पर लगे आरोप सही हैं। जांच अधिकारी ने कई अहम सुबूत भी जुटाए।
जांच में सामने आया कि राजेंद्र प्रसाद के पास दो लग्जरी कारें व वृंदावन योजना में दो मकान हैं। इसके अलावा भी कई संपत्तियों के बारे में जानकारी हुई है। जिससे साफ हुआ कि उसके पास आय से अधिक संपत्ति है।
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एडीसीपी साउथ शशांक सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना एसीपी को सौंपी गई है।
दोनों शिकायकर्ताओं ने एंटी करप्शन की टीम को एक सीडी उपलब्ध कराई थी। जिसमें रिश्वत मांगने संबंधी कॉल रिकॉर्डिंग व कुछ वीडियो थे। जांच अधिकारी ने इस सीडी को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया। जांच में साबित हुआ कि रिकॉर्डिंग में राजेंद्र प्रसाद की ही आवाज है। ये बेहद मजबूत साक्ष्य है। आशंका है कि इन दो शिकायतकर्ताओं के अलावा अन्य तमाम लोगों से भी राजेंद्र प्रसाद ने इसी तरह वसूली की होगी।
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शिकायतकर्ता पवन कुमार चौधरी और दिलीप विश्वकर्मा ने वृंदावन आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन किया था। आवास एवं विकास परिषद में तैनात लिपिक राजेंद्र प्रसाद ने पवन से चार लाख 31 हजार 142 रुपये और दिलीप से पांच लाख 37 हजार 140 रुपये की रिश्वत ली थी। एंटी करप्शन की जांच में सामने आया कि राजेंद्र प्रसाद पर लगे आरोप सही हैं। जांच अधिकारी ने कई अहम सुबूत भी जुटाए।
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जांच में सामने आया कि राजेंद्र प्रसाद के पास दो लग्जरी कारें व वृंदावन योजना में दो मकान हैं। इसके अलावा भी कई संपत्तियों के बारे में जानकारी हुई है। जिससे साफ हुआ कि उसके पास आय से अधिक संपत्ति है।
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एडीसीपी साउथ शशांक सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना एसीपी को सौंपी गई है।
दोनों शिकायकर्ताओं ने एंटी करप्शन की टीम को एक सीडी उपलब्ध कराई थी। जिसमें रिश्वत मांगने संबंधी कॉल रिकॉर्डिंग व कुछ वीडियो थे। जांच अधिकारी ने इस सीडी को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया। जांच में साबित हुआ कि रिकॉर्डिंग में राजेंद्र प्रसाद की ही आवाज है। ये बेहद मजबूत साक्ष्य है। आशंका है कि इन दो शिकायतकर्ताओं के अलावा अन्य तमाम लोगों से भी राजेंद्र प्रसाद ने इसी तरह वसूली की होगी।