साक्षात्कार: कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी बोले- भाजपा के जाने का संकेत है इस वक्त विधान परिषद चुनाव
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि भाजपा को अहसास हो गया है कि उनकी सरकार दोबारा नहीं आने वाली है। इसलिए विधानसभा चुनाव के दौरान ही विधान परिषद चुनाव रखे गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस के लिए चुनाव परिणाम आश्चर्यजनक होंगे।
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कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी जितना चुनाव जीतने को लेकर चर्चा में रहते हैं, उतने ही अपने राजनीतिक संबंधों के लिए भी जाने जाते हैं। विपरीत हालातों में भी वे प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से 1980 से लगातार नौ बार विधायक चुने गए। वे राज्यसभा सदस्य बन गए तो उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं। प्रमोद तिवारी कहते हैं कि भाजपा सरकार फिर नहीं आ रही। कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। कांग्रसे के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि आश्चर्यजक परिणाम होंगे। अजीत बिसारिया से उनकी बातचीत के प्रमुख अंश...
सवाल : राजनीतिक माहौल क्या दिख रहा है?
जवाब : 10 मार्च के बाद भाजपा सरकार नहीं रहेगी। भाजपा का आंतरिक मूल्यांकन भी ऐसा ही है। यही वजह है कि सामान्य निर्वाचन के बीच में विधान परिषद (विप) के चुनाव कराए जा रहे हैं। मैंने 42 साल के राजनीतिक जीवन में दोनों चुनाव एक साथ नहीं देखे। पीएम नरेंद्र मोदी पश्चिमी यूपी में अभी तक प्रचार के लिए सामने नहीं आए हैं। यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश में भाजपा सरकार दोबारा नहीं आएगी।
सवाल : पार्टी में तो भगदड़ क्यों मची है।
जवाब : जितने लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, वे कम से कम 3-4 चुनाव हारे हैं। उन्हें पहले लग रहा था कि सपा या भाजपा अच्छा विकल्प है, जिससे वे आसानी से सदन में पहुंच सकते हैं। मेरे पास अब जानकारी आ रही है कि कांग्रेस छोड़ने वाले पछता रहे हैं। रही बात पश्चिम के मलिक पिता-पुत्र के कांग्रेस छोड़ने की, तो कोई ऐसी पार्टी नहीं, जिसमें वे रहे न हों।
सवाल : आप असर रखने वाले कांग्रेसी हैं। छोड़ने वाले नेताओं को रोका क्यों नहीं?
जवाब : मैं उतना ही करता हूं, जितना पार्टी हाईकमान करने के लिए कहता है।
सवाल : क्या ब्राह्मण कांग्रेस की तरफ आते हुए दिख रहे हैं?
जवाब : योगी (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) ने ब्राह्मणों को लाल झंडी दिखा दी है। सपा का रुख सभी को पता है। मुझे पूरा यकीन है कि इस बार ब्राह्मण अपने स्वाभाविक घर कांग्रेस की ओर लौटेंगे।
सवाल : आप लगातार नौ बार विधानसभा चुनाव जीते। कैसे?
जवाब : मैंने न कभी पार्टी बदली और न अपना विधानसभा क्षेत्र रामपुर खास। पार्टी व जनता के प्रति समर्पण और जनता के आशीर्वाद से यह मुकाम मिला।
सवाल : जितना बड़ा आपका कद, पार्टी में जिम्मेदारी उतनी बड़ी नहीं?
जवाब : कांग्रेस की सेंट्रल वर्किंग कमेटी का मेंबर होना छोटी बात नहीं। 5 बार सीएलपी नेता रहा हूं। राज्यसभा सदस्य रहा। पार्टी ने मुझे कम नहीं दिया।
सवाल : आपको पार्टी के ब्राह्मण चेहरे के रूप में भी प्रोजेक्ट नहीं किया गया?
जवाब : मैंने कभी धर्म और जाति की राजनीति नहीं की और न ही आगे कभी करने का इच्छुक हूं। हर आम और जरूरतमंद व्यक्ति का चेहरा बने रहना ज्यादा पसंद है।
सवाल : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कह रहे हैं कि कांग्रेस के साथ गठबंधन गलती थी?
जवाब : यह उनकी अपनी राय है। इस पर मैं क्या कह सकता हूं।
सवाल : रामपुर खास में दूसरे प्रमुख दल भी आपको समर्थन देते रहे हैं?
जवाब : आज तक तो ऐसा नहीं हुआ। पिछले चुनाव में 100 सीटों पर सपा के साथ गठबंधन था, उसमें से रामपुर खास भी एक थी। इस बार अगर कोई समर्थन देता है, तो स्वागत है।
सवाल : चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा क्या दिख रहा है?
जवाब : 28 जनवरी 2022 देश के इतिहास में काला दिन माना जाएगा, क्योंकि इस दिन एयर लाइंस पर टाटा ग्रुप को कब्जा दे दिया गया। यह सरकार हर सरकारी परिसंपत्ति को बेचने में लगी है, जो देश के लिए ठीक नहीं। जिस तरह से चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है, वह भी ठीक नहीं। ये बड़ी चुनौतियां हैं, जिन पर आम जनता इस चुनाव में जरूर विचार करेगी।