कानपुर-बनारस में कमिश्नरेट लागू होने का प्रस्ताव कैबिनेट में पास, यूपी को मिलेंगे दो और कमिश्नरेट
योगी कैबिनेट ने प्रदेश में छह नए निजी विश्विद्यालय खोलने की मंजूरी दी है। इनमें से तीन विश्विद्यालय को सशर्त मंजूरी दी गई है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के चुनावी दौरे से लौट कर शाम को प्रदेश कैबिनेट की बैठक की। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर आयोजित इस बैठक में फैसला लिया गया कि नोएडा और लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट की तरह की अब कानपुर और वाराणसी में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होगी।
कानपुर और वाराणसी में पुलिस कमिशनर प्रणाली लागू करने के लिए @myogiadityanath जी को बहुत- बहुत साधुवाद। लखनऊ और नोयड़ा के बाद दोनो बड़े शहरों में इस प्रणाली को लागू होने के बाद पुलिस अधिकारियों को इसे सफल बनाने में जी- जान से जुट जाना चाहिए।@Uppolice
— Brij Lal (@BrijLal_IPS) March 25, 2021विज्ञापन
योगी कैबिनेट ने प्रदेश में छह नए निजी विश्विद्यालय खोलने की मंजूरी दी है। इनमें से तीन विश्विद्यालय को सशर्त मंजूरी दी गई है। 17 मार्च 2020 को 28 निजी विश्विद्यालय की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी किया गया था। आशय पत्र जारी होने के दो वर्ष में मंजूरी देने का प्रावधान है। सरकार ने एक साल में छह विश्विद्यालय को मंजूरी दी है।
उल्लेखनीय है कि नोएडा और लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुए एक साल पूरे हो गए हैं। बताया जाता है कि कमिश्नरेट के परिणाम सकारात्मक रहे हैं। पुलिस को अधिकार मिले तो कानून-व्यवस्था बेहतर हुई। अपराधियों पर नकेल कसने में आसानी हुई और महिला अपराध में भी कमी आई। दोनों शहरों में बीते कई वर्षों की अपेक्षा 2020 में हर तरह के अपराध में कमी दर्ज की गई। इसके बाद कानपुर और वाराणसी में कमिश्नरेट लागू करने का खाका शासन तैयार कर लिया गया था।
अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, अनुशासन और ट्रैफिक सुधार की वजह से पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को कामयाब बताया जा रहा है। इसे देखते हुए अब कुछ और शहरों में यह सिस्टम लागू करने पर भी विचार चल रहा है। लखनऊ और नोएडा (गौतमबुद्धनगर) में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम 15 जनवरी 2020 को लागू किया गया था। इसके बाद से अपराध की घटनाओं में काफी कमी आई है।
लखनऊ में जहां हत्या की घटनाएं पिछले साल के मुकाबले करीब आधी रह गई हैं, वहीं डकैती की घटनाएं भी एक चौथाई हो गईं। इसके अलावा वाहन चोरी और महिला अपराध की घटनाओं में भी भारी कमी दर्ज की गई है। लखनऊ में 15 जनवरी से 14 जुलाई के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले तीन साल की तुलना में अपराधों में काफी कमी आई है।
लूट, डकैती और चोरी की घटनाओं के कम होने के साथ सामानों की बरामदगी 89 प्रतिशत से अधिक रही। जबकि 2019 में यह 19.37 प्रतिशत और 2018 में 24 प्रतिशत था। पिछले साल के मुकाबले दो गुना से अधिक बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 107, 116 के तहत पिछले साल के मुकाबले 10 गुना अधिक लोग पाबंद किए गए।