सीएम योगी ने दिए निर्देश : जरूरत के अनुसार सृजित करें नए पद, अंग प्रत्यारोपण व बाईपास सर्जरी की खत्म करें प्रतीक्षा सूची
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान तथा मेडिकल कॉलेजों की सुपर स्पेशिएलिटी व्यवस्था के लिए अलग-अलग नीति होनी चाहिए। तीनों संस्थान में चिकित्सा सुविधा बेहतर करने के लिए जरूरत के मुताबिक मानव संसाधन बढ़ाएं।
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प्रदेश में अंग प्रत्यारोपण, बाईपास सर्जरी सहित विभिन्न तरह की सर्जरी की लंबी प्रतीक्षा सूची पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने कार्य में तेजी लाकर प्रतीक्षा सूची कम करने का निर्देश दिया। जरूरत के अनुसार मानव संसाधन बढ़ाने का भी निर्देश दिया। वे शनिवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान में अंग प्रत्यारोपण हो रहा है। इसके बावजूद तमाम लोग इंतजार में हैं। बाईपास सर्जरी की प्रतीक्षा सूची भी लंबी है। गैस्ट्रो सर्जरी, न्यूरो सर्जरी सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों की सर्जरी कराने वालों की लंबी फेहरिस्त है। सभी संस्थान प्रतीक्षा सूची कम करने की दिशा में रणनीति बनाएं ताकि जल्द से जल्द मरीजों को राहत दी जा सके। प्रतीक्षा सूची को चरणबद्ध ढंग से कम किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि चिकित्सा संस्थान अपनी जरूरतों से संबंधित प्रस्ताव जल्द से जल्द भेजें। चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं वित्त विभाग इन प्रस्तावों पर त्वरित निर्णय लेकर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान तथा मेडिकल कॉलेजों की सुपर स्पेशिएलिटी व्यवस्था के लिए अलग-अलग नीति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तीनों संस्थान में चिकित्सा सुविधा बेहतर कनरे के लिए जरूरत के मुताबिक मानव संसाधन बढाएं। एसजीपीजीआई की कैडर रीस्ट्रक्चरिंग करते हुए तकनीकी बदलाव के कारण अनुपयुक्त हुए पद समाप्त किए जाएं।
आवश्यकतानुसार नए पद सृजित किए जाएं। बैठक में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त प्रशांत त्रिवेदी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, एसजीपीजीआई निदेशक प्रो आरके धीमान, लोहिया संस्थान निदेशक प्रो सोनिया नित्यानंद, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो अरुण कुमार सिंह, केजीएमयू के प्रति कुलपति प्रो विनीत शर्मा उपस्थित थे।
जल्द शुरू करें न्यूरो साइंस सेंटर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर, न्यूरो ट्रॉमा सेंटर तथा गामा नाइफ के संबंध में फैसला हो चुका है। लेकिन अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हो सकी है। उन्होंने निर्देश दिया कि इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने संस्थान की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश देते हुए कहा कि संस्थान पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों को अधिक दबाव है। ऐसी व्यवस्था बनाएं कि यहां पूर्वी क्षेत्र से आने वाले मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सके।
कल्याण कैंसर संस्थान को टाटा की तर्ज पर चलाएं
कल्याण सिंह सुपर स्पेशिएलिटी कैंसर संस्थान लखनऊ की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिय कि इसे मुंबई के टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट की तर्ज पर संचालित किया जाए। संस्थान का प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र निर्णय लेकर व्यवस्था लागू की जाए।
नर्सिंग परीक्षा को पारदर्शी बनाएं
अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थाओं में सत्र एवं एडमिशन की कार्यवाही समयबद्ध ढंग से करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने परीक्षा की सुचिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा किया जाए। चिकित्सा विश्वविद्यालय से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों में शत.प्रतिशत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं तथा कम से कम 75 प्रतिशत फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि जहां फैकल्टी और्र इंफ्रास्ट्र्क्चर का अभाव है, उसे मान्यता न दिया जाए। संस्था की फैकल्टी आधार से लिंक होनी चाहिए। फैकल्टी को एक ही संस्था से जुड़ा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सिंग संस्थाओं में अधिकतर संख्या बालिकाओं की होती है। इसलिए इनकी परीक्षा इनके ही संस्थान में कराएं लेकिन परीक्षा प्रभारी किसी अन्य संस्थान का होना चाहिए, जिससे परीक्षा पारदर्शी तरीके से हो सके।
तीनों संस्थान में चिकित्सा सुविधा बेहतर करने के लिए जरूरत के मुताबिक मानव संसाधन बढ़ाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार का चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जरूरत के अनुसार नए पद सृजित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान तथा मेडिकल कॉलेजों की सुपर स्पेशिएलिटी व्यवस्था के लिए अलग-अलग नीति होनी चाहिए। तीनों संस्थान में चिकित्सा सुविधा बेहतर करने के लिए जरूरत के मुताबिक मानव संसाधन बढ़ाएं। एसजीपीजीआई की कैडर रीस्ट्रक्चरिंग करते हुए तकनीकी बदलाव के कारण अनुपयुक्त हुए पद समाप्त किए जाएं। आवश्यकतानुसार नए पद सृजित किए जाएं। बैठक में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त प्रशांत त्रिवेदी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, एसजीपीजीआई निदेशक प्रो आरके धीमान, लोहिया संस्थान निदेशक प्रो सोनिया नित्यानंद, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो अरुण कुमार सिंह, केजीएमयू के प्रति कुलपति प्रो विनीत शर्मा उपस्थित थे।