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UP: भव्य और दिव्य महाकुंभ के लिए संगमनगरी का होगा कायाकल्प, स्वच्छता, सुविधा और सुरक्षा का होगा मानक
Thu, 04 Jul 2024 02:54 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 04 Jul 2024 02:54 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसके प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। महाकुंभ के लिए प्रयागराज शहर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
संगमनगरी प्रयागराज में अगले वर्ष की शुरुआत में होने जा रहे महाआयोजन महाकुंभ 2025 को योगी सरकार भव्य और दिव्य बनाने के लिए जोरदार तैयारियों में जुटी है। योगी सरकार महाकुंभ में सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता के साथ-साथ महाकुंभ की सुंदरता को लेकर भी मिशन मोड में कार्य कर रही है। इस क्रम में महाकुंभ से पहले ही प्रयागराज को दुल्हन की तरह सजा दिया जाएगा।
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योगी सरकार की पूरे शहरी इलाके के सौंदर्यीकरण की योजना है जिस पर कार्य भी शुरू हो चुका है। अयोध्या में रामलला के नव विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान जिस तरह की साज सज्जा की गई थी, उसी तरह प्रयागराज का कायाकल्प किया जाएगा। जगह-जगह ग्रीन बेल्ट, हार्टिकल्चर, थीमैटिक डेवलपमेंट समेत सैकड़ों स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। महाकुंभ के आयोजन के दौरान जब श्रद्धालु संगमनगरी पहुंचेंगे तो यहां की आभा देखकर न सिर्फ दंग रह जाएंगे, बल्कि पूरी तरह धार्मिक आस्था के रंग में सराबोर हो जाएंगे।
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सीएम योगी ने दिए थे निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसके प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होंने महाकुंभ को स्वच्छता, सुविधा और सुरक्षा का मानक आयोजन बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा था। मुख्यमंत्री के अनुसार, महाकुंभ 2025 पूरे विश्व को सनातन भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार कराने का सुअवसर है। यह न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत की ग्लोबल ब्रांडिंग का माध्यम बनेगा। हमें इसके सफल आयोजन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत की प्राचीन संस्कृति का परिचायक है। इसकी गरिमा के अनुरूप पूरे नगर को सजाया जाना चाहिए। कुंभ से जुड़े कथानक, सनातन संस्कृति के प्रतीकों आदि को चित्रित किया जाए। चौराहों पर कुंभ के लोगो लगाए जाने चाहिए। थीम आधारित द्वार, स्तम्भ, लाइटिंग के प्रयास होने चाहिए।
प्रत्येक मार्ग पर ग्रीन बेल्ट का निर्माण
सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रयागराज में 38 जंक्शन का सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा एजेंसी आबद्ध करके ट्रैफिक डेंसिटी एनालिसिस के प्रयोग से स्टडी करके डिजाइन तैयार किया गया है। इसके साथ ही 5 साल के मेंटीनेंस के साथ ग्रीन बेल्ट एवं स्कल्प्चर्स की स्थापना की जाएगी। कुल मिलाकर 19 जंक्शन पीडीए द्वारा, 15 जंक्शन पीडब्ल्यूडी एवं 2 जंक्शन का निर्माण सेतु निगम द्वारा किया जा रहा है। दूसरी तरफ, शहरी मार्गों का भी सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसके तहत 38 शहरी मार्गों (75 किलोमीटर) का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मेला प्राधिकरण द्वारा 8 आर्किटेक्ट आबद्ध कर प्रत्येक मार्ग पर ग्रीन बेल्ट, हार्टिकल्चर, लैंड स्केपिंग डेवलपमेंट, थीमैटिक डेवलपमेंट एवं गैप एनालिसिस पूर्ण किया जा रहा है। कुल 36 मार्ग पीडीए द्वारा और 2 मार्ग का सौंदर्यीकरण पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है।
4 थीमैटिक गेट का भी प्रस्ताव
इसके अतिरिक्त लगभग 10 लाख वर्गफीट पर स्ट्रीट आर्ट व दीवारों पर कलाकृतियां बनाई जाएंगी। इसमें 5 लाख वर्गफीट कुंभ मेला मद से एवं 5 लाख वर्गफीट एनएमसीजी मद से प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा कार्य किया जाएगा। साथ ही, 4 थीमैटिक गेट बनाए जाने की भी योजना है। इन प्रस्तावित थीमैटिक गेट के नाम सरस्वती द्वार, शिव द्वार, गंगा द्वार और यमुना द्वार रखा जाएगा। इसकी निविदा प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त 108 स्तंभों का भी निर्माण होगा। इन्हें, नदी के किनारे की सड़कों, विषयगत द्वारों और स्थलों पर स्तंभों का प्रस्ताव किया जा रहा है। भारद्वाज आश्रम में 8 नग, 4 विषयगत द्वार में 48 नग और रिवर फ्रंट रोड में 52 नग स्थापित किए जाएंगे। इस योजना की कार्यदायी संस्था सीएंड डीएस है।