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कुवैत की कंपनी में नौकरी के नाम पर 60 बेरोजगारों को ठगा
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पीड़ितों ने ठगों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
कुवैत की मरीन कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर एजेंसी संचालकों ने 60 लोगों से 42 लाख रुपये हड़प लिए। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले ही जालसाजों ने टिकट निरस्त करा दिया।
इसके बाद पीड़ित विभूतिखंड थानाक्षेत्र स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो वहां तालाबंद मिला। इसके बाद विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड डॉ. आशीष मिश्रा के मुताबिक, चंदौली में गुलशेर सिद्दीकी रहते है। गुलशेर के मुताबिक, मोबाइल पर एशियन मरीन प्लेसमेंट एजेंसी की तरफ से मेसेज आया जिसमें एक नंबर दिया था।
गुलशेर ने नंबर पर कॉल की तो विनोद नाम के एजेंट से बात हुई। जिसने कुवैत में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। साथ ही विभूतिखंड स्थित एजेंसी के कार्यालय पर बुलाया था, जहां आलम शेख और मोहित से मुलाकात हुई थी।
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गुलशेर के मुताबिक बताया गया कि वीजा और हवाई टिकट के लिए 70 हजार रुपये देने होंगे। गुलशेर रुपये देने को तैयार हो गए और उन्होंने पासपोर्ट भी दिया था। जिसके बाद उनका मेडिकल कराया गया।
उसकी ही तरह दिलशाद, सुमंत कुमार, चंदन सिंह, अंकित सिंह, आलमगीर शेख और शेख अहमद भी एजेंसी के दफ्तर पहुंचे थे।
सभी लोग चारबाग स्थित एक होटल में रुके थे। 25 जनवरी को एजेंसी के दफ्तर पहुंचने पर आलमशेख ने सभी को वीजा और हवाई टिकट देते हुए 27 को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा था।
जिसके बाद गुलशेर अन्य लोगों के साथ ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में ऑनलाइन चेकइन करने के लिए दिलशाद ने एयरलाइन की वेबसाइट खोली थी। चेकइन के लिए एयर टिकट का नंबर डालने पर टिकट निरस्त होने का पता चला।
इस पर गुलशेर व दिलशाद ने एजेंसी संचालकों को फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। ठगे जाने का अंदेशा होने पर सभी लोग बरेली में ट्रेन से उतर कर लखनऊ लौटे।
जिसके बाद विभूतिखंड स्थित एजेंसी के कार्यालय पहुंचे थे, जहां ताला बंद मिला। इस पर युवक हंगामा करने लगे। सूचना पर विभूतिखंड पुलिस भी पहुंच गई। जिसके बाद ठग आलम शेख, मोहित गुप्ता व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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इसके बाद पीड़ित विभूतिखंड थानाक्षेत्र स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो वहां तालाबंद मिला। इसके बाद विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड डॉ. आशीष मिश्रा के मुताबिक, चंदौली में गुलशेर सिद्दीकी रहते है। गुलशेर के मुताबिक, मोबाइल पर एशियन मरीन प्लेसमेंट एजेंसी की तरफ से मेसेज आया जिसमें एक नंबर दिया था।
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गुलशेर ने नंबर पर कॉल की तो विनोद नाम के एजेंट से बात हुई। जिसने कुवैत में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। साथ ही विभूतिखंड स्थित एजेंसी के कार्यालय पर बुलाया था, जहां आलम शेख और मोहित से मुलाकात हुई थी।
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गुलशेर के मुताबिक बताया गया कि वीजा और हवाई टिकट के लिए 70 हजार रुपये देने होंगे। गुलशेर रुपये देने को तैयार हो गए और उन्होंने पासपोर्ट भी दिया था। जिसके बाद उनका मेडिकल कराया गया।
उसकी ही तरह दिलशाद, सुमंत कुमार, चंदन सिंह, अंकित सिंह, आलमगीर शेख और शेख अहमद भी एजेंसी के दफ्तर पहुंचे थे।
सभी लोग चारबाग स्थित एक होटल में रुके थे। 25 जनवरी को एजेंसी के दफ्तर पहुंचने पर आलमशेख ने सभी को वीजा और हवाई टिकट देते हुए 27 को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा था।
जिसके बाद गुलशेर अन्य लोगों के साथ ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में ऑनलाइन चेकइन करने के लिए दिलशाद ने एयरलाइन की वेबसाइट खोली थी। चेकइन के लिए एयर टिकट का नंबर डालने पर टिकट निरस्त होने का पता चला।
इस पर गुलशेर व दिलशाद ने एजेंसी संचालकों को फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। ठगे जाने का अंदेशा होने पर सभी लोग बरेली में ट्रेन से उतर कर लखनऊ लौटे।
जिसके बाद विभूतिखंड स्थित एजेंसी के कार्यालय पहुंचे थे, जहां ताला बंद मिला। इस पर युवक हंगामा करने लगे। सूचना पर विभूतिखंड पुलिस भी पहुंच गई। जिसके बाद ठग आलम शेख, मोहित गुप्ता व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।