{"_id":"61118d878ebc3ef4513f922e","slug":"chating-on-social-media-make-adult-video-of-old-businessman-threat-for-30-crore-lucknow-news-lko590659557","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहन की मदद से बुजुर्ग व्यापारी को जाल में फंसाया, अश्लील वीडियो बना मांगे 30 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहन की मदद से बुजुर्ग व्यापारी को जाल में फंसाया, अश्लील वीडियो बना मांगे 30 करोड़
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लखनऊ। महानगर के प्रतिष्ठित व्यापारी को फेसबुक व इंस्टाग्राम पर रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती करने के बाद वीडियो कॉल कर अश्लील क्लिप बनाई गई। इसके बाद ब्लैकमेल कर 30 करोड़ रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। महानगर पुलिस ने साइबर क्राइम टीम की मदद से मामले में दो भाइयों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने अपनी ही बहन की मदद से बुजुर्ग व्यापारी को जाल में फंसाकर अश्लील वीडियो बनाया था। पुलिस टीम आरोपियों की बहन को भी तलाश रही है।
महानगर इलाके के एक उम्रदराज व्यापारी को कुछ दिनों पहले फेसबुक व इंस्टाग्राम पर एक लड़की की रिक्वेस्ट आई। साथ ही कुछ मेसेज भी आए। उन्होंने रिक्वेस्ट स्वीकार की तो युवती ने चैटिंग शुरू कर दी। फिर मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ और बातचीत शुरू हो गई। इस बीच युवती ने व्यापारी को वीडियो कॉल कर अश्लील बातचीत करते हुए वीडियो बना लिया। फिर व्यापारी को ये वीडियो भेजकर सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी देकर पांच करोड़ रुपये की मांग की गई। कई बार बातचीत के बाद व्यापारी पांच लाख रुपये देने को राजी हो गए। आरोपियों ने रकम जमा करने के लिए उन्हें एक बैंक का खाता नंबर बताया था। मगर इसी बीच व्यापारी को एक बार फिर कॉल करके 30 करोड़ रुपये की मांग की गई। इसके बाद 22 जून 2021 को उन्होंने महानगर कोतवाली में मोबाइल नंबरों के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
महानगर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम टीम की मदद से सोमवार को चारबाग रेलवे स्टेशन से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए मोहित सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट भाभमई रागौल मोदहा, हमीरपुर और विवेक सिंह निवासी स्वराज कॉलोनी, बांदा के पास से ब्लैकमेलिंग के इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल बरामद हुए हैं। ब्लैकमेलिंग में शामिल आरोपियों की बहन की तलाश की जा रही है।
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नासमझी में अपराध के दलदल में फंसे भाई-बहन
लखनऊ। इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने बताया कि मोहित क्रिकेटर है और स्नातक कर रहा विवेक उसका ममेरा भाई है। इन दोनों ने फेसबुक पर दोस्ती करके अश्लील वीडियो बनाकर रकम वसूलने की अखबारों में खबरें पढ़ने के बाद इसी तरह से पैसे कमाने की साजिश रची थी। इसके लिए किसी युवती की जरूरत होने के चलते प्रदीप ने अपनी विवाहित बहन को साजिश में शामिल कर लिया। उसने ही व्यापारी को बातों में फंसाकर वीडियो बनाया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों भाई-बहन का कोई क्राइम रिकार्ड नहीं है। नासमझी व लालच के चलते ये तीनों अपराध के दलदल में फंस गए।
अपने ही मोबाइल के इस्तेमाल से धरे गए
लखनऊ। दरअसल मोहित व विवेक ने व्यापारी से वसूली के लिए अपने ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। इस वजह से व्यापारी के पांच लाख रुपये देने को राजी होने पर भी मोहित घबराकर प्रयागराज चला गया था। वह अपना मोबाइल घर में ही छोड़ गया था। इस पर मोहित की बहन ने समझा कि वह व्यापारी से पांच लाख रुपये वसूलकर घूमने-फिरने चला गया है। उसने विवेक से बात करके व्यापारी से तीन करोड़ रुपये मांगने को कहा। मगर विवेक को कम सुनाई देता है। इसके चलते उसने तीन करोड़ को 30 करोड़ समझ लिया। विवेक ने व्यापारी को फोन करके 30 करोड़ मांगे तो उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी।
जनसेवा केंद्र से लेकर दिया था खाता नंबर
लखनऊ। व्यापारी से पांच लाख रुपये वसूलने के लिए विवेक ने पड़ोस में स्थित जनसेवा केंद्र से एक खाता नंबर लेकर दे दिया था। इस खाते को महानगर पुलिस ने जब सीज करा दिया तो खाताधारक ने बांदा पुलिस से शिकायत की। बांदा पुलिस को छानबीन में लखनऊ की महानगर पुलिस द्वारा खाता सीज कराने की जानकारी मिली। बांदा पुलिस ने महानगर इंस्पेक्टर से बात की तो आरोपियों की पहचान हो गई।
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महानगर इलाके के एक उम्रदराज व्यापारी को कुछ दिनों पहले फेसबुक व इंस्टाग्राम पर एक लड़की की रिक्वेस्ट आई। साथ ही कुछ मेसेज भी आए। उन्होंने रिक्वेस्ट स्वीकार की तो युवती ने चैटिंग शुरू कर दी। फिर मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ और बातचीत शुरू हो गई। इस बीच युवती ने व्यापारी को वीडियो कॉल कर अश्लील बातचीत करते हुए वीडियो बना लिया। फिर व्यापारी को ये वीडियो भेजकर सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी देकर पांच करोड़ रुपये की मांग की गई। कई बार बातचीत के बाद व्यापारी पांच लाख रुपये देने को राजी हो गए। आरोपियों ने रकम जमा करने के लिए उन्हें एक बैंक का खाता नंबर बताया था। मगर इसी बीच व्यापारी को एक बार फिर कॉल करके 30 करोड़ रुपये की मांग की गई। इसके बाद 22 जून 2021 को उन्होंने महानगर कोतवाली में मोबाइल नंबरों के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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महानगर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम टीम की मदद से सोमवार को चारबाग रेलवे स्टेशन से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए मोहित सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट भाभमई रागौल मोदहा, हमीरपुर और विवेक सिंह निवासी स्वराज कॉलोनी, बांदा के पास से ब्लैकमेलिंग के इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल बरामद हुए हैं। ब्लैकमेलिंग में शामिल आरोपियों की बहन की तलाश की जा रही है।
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नासमझी में अपराध के दलदल में फंसे भाई-बहन
लखनऊ। इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने बताया कि मोहित क्रिकेटर है और स्नातक कर रहा विवेक उसका ममेरा भाई है। इन दोनों ने फेसबुक पर दोस्ती करके अश्लील वीडियो बनाकर रकम वसूलने की अखबारों में खबरें पढ़ने के बाद इसी तरह से पैसे कमाने की साजिश रची थी। इसके लिए किसी युवती की जरूरत होने के चलते प्रदीप ने अपनी विवाहित बहन को साजिश में शामिल कर लिया। उसने ही व्यापारी को बातों में फंसाकर वीडियो बनाया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों भाई-बहन का कोई क्राइम रिकार्ड नहीं है। नासमझी व लालच के चलते ये तीनों अपराध के दलदल में फंस गए।
अपने ही मोबाइल के इस्तेमाल से धरे गए
लखनऊ। दरअसल मोहित व विवेक ने व्यापारी से वसूली के लिए अपने ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। इस वजह से व्यापारी के पांच लाख रुपये देने को राजी होने पर भी मोहित घबराकर प्रयागराज चला गया था। वह अपना मोबाइल घर में ही छोड़ गया था। इस पर मोहित की बहन ने समझा कि वह व्यापारी से पांच लाख रुपये वसूलकर घूमने-फिरने चला गया है। उसने विवेक से बात करके व्यापारी से तीन करोड़ रुपये मांगने को कहा। मगर विवेक को कम सुनाई देता है। इसके चलते उसने तीन करोड़ को 30 करोड़ समझ लिया। विवेक ने व्यापारी को फोन करके 30 करोड़ मांगे तो उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी।
जनसेवा केंद्र से लेकर दिया था खाता नंबर
लखनऊ। व्यापारी से पांच लाख रुपये वसूलने के लिए विवेक ने पड़ोस में स्थित जनसेवा केंद्र से एक खाता नंबर लेकर दे दिया था। इस खाते को महानगर पुलिस ने जब सीज करा दिया तो खाताधारक ने बांदा पुलिस से शिकायत की। बांदा पुलिस को छानबीन में लखनऊ की महानगर पुलिस द्वारा खाता सीज कराने की जानकारी मिली। बांदा पुलिस ने महानगर इंस्पेक्टर से बात की तो आरोपियों की पहचान हो गई।