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अयोध्या: ढांचा ध्वंस मामले में रिवीजन याचिका दायर, सीबीआई विशेष अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती
Fri, 08 Jan 2021 09:42 PM IST
Vikas Kumar
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 08 Jan 2021 09:42 PM IST
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बाबरी मस्जिद
- फोटो : amar ujala
अयोध्या के विवादित ढांचा ध्वंस मामले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन) दायर की गई है। इसमें स्पेशल कोर्ट के फैसले को रद्द किए जाने का अनुरोध किया गया है। इस पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है।
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ढांचा ध्वंस मामले में गवाह रहे अयोध्या के हाजी महबूब अहमद और सैयद एखलाक अहमद ने यह याचिका दाखिल की है। गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने पिछले साल 30 सितंबर को दिए फैसले में इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 32 आरोपियों को बरी कर दिया था।
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विदेशी फडिंग बंद हाने से बौखला गए चैं इस्लामिक संगठन: वेदांती
ढांचा विध्वंस मामले में मुस्लिम पक्षकारों द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन को गलत बताते हुए पूर्व सांसद रामविलास दास वेदांती ने इस्लामिक संगठनों पर गंभीर आरोप लगाया है।
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उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद के समाधान के पहले इस्लामिक संगठनों को विदेशों से फंडिग होती थी। सुप्रीम रकोर्ट और सीबीआई कोर्ट की विशेष अदालत का निर्णय आने के बाद सभी विवाद समाप्त हो गए तो आतंक और उन्माद फैलाने वाले संगठनों से इन्हें पैसा नहीं मिल रहा है। जिससे ये बौखला गए हैं और अदालत के निर्णय को चुनौती दे रहे हैं। कहा कि वेद, शास्त्र और पुराणों के विचारों को आधार मानकर अयोध्या में राम जन्मभूमि की पुष्टि हुई थी।
आरोपियों सजा मिलनी ही चाहिए : हाजी महबूब
अयोध्या में लाखों लोगों की भीड़ जुटाने के बाद ढांचा को ध्वस्त कराया गया। जिन लोगों के निर्देशन और कहने पर यह किया गया था, सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। इनमें मुख्य सूत्रधार लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 32 लोग शामिल थे। इन्हें सजा मिलनी ही चाहिए। -हाजी महबूब, याचिकाकर्ता