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मां की याचिका पर पुलस्त तिवारी एनकाउंटर केस में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Thu, 18 Mar 2021 07:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 07:24 PM IST
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एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम जोन आठ के पास इनामी बदमाश पुलस्त तिवारी को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने वाले इंस्पेक्टर संजय राय और दरोगा महेश दुबे समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीजेएम के आदेश पर आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गाजीपुर निवासी मंजुला तिवारी ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि नौ अगस्त 2020 की शाम उनके बेटे पुलस्त को आशियाना थाने में तैनात दरोगा महेश दुबे घर से पकड़कर ले गए थे।
नौ अगस्त 2020 की रात 11:14 बजे आशियाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय, दरोगा महेश दुबे, सिपाही मोहित सोनी, राकेश सिंह और बलवंत कुमार ने पुलस्त तिवारी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलस्त के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि वाहन चेकिंग के लिए रोकने पर वह पुलिस टीम पर फायरिंग करके भाग रहा था। जवाबी कार्रवाई में पुलस्त को पुलिस की गोली लगी। मंजुला ने मानवाधिकार आयोग में मामले की शिकायत की थी। इस बीच जेल में बंद पुलस्त तिवारी का लिखा पत्र भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें पुलस्त ने पुलिस को दो लाख रुपये न देने पर मुठभेड़ का आरोप लगाया था।
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मंजुला तिवारी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए सीजेएम सुशील कुमारी ने आशियाना इंस्पेक्टर को केस दर्ज कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का वक्त दिया था। आदेश पर अमल करते हुए मंगलवार रात तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय, दरोगा महेश दुबे, सिपाही मोहित सोनी, बलवंत कुमार व राकेश सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले, आपराधिक साजिश रचने, साक्ष्य छिपाने समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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गाजीपुर निवासी मंजुला तिवारी ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि नौ अगस्त 2020 की शाम उनके बेटे पुलस्त को आशियाना थाने में तैनात दरोगा महेश दुबे घर से पकड़कर ले गए थे।
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नौ अगस्त 2020 की रात 11:14 बजे आशियाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय, दरोगा महेश दुबे, सिपाही मोहित सोनी, राकेश सिंह और बलवंत कुमार ने पुलस्त तिवारी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलस्त के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने आरोप लगाया था कि वाहन चेकिंग के लिए रोकने पर वह पुलिस टीम पर फायरिंग करके भाग रहा था। जवाबी कार्रवाई में पुलस्त को पुलिस की गोली लगी। मंजुला ने मानवाधिकार आयोग में मामले की शिकायत की थी। इस बीच जेल में बंद पुलस्त तिवारी का लिखा पत्र भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिसमें पुलस्त ने पुलिस को दो लाख रुपये न देने पर मुठभेड़ का आरोप लगाया था।
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मंजुला तिवारी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए सीजेएम सुशील कुमारी ने आशियाना इंस्पेक्टर को केस दर्ज कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का वक्त दिया था। आदेश पर अमल करते हुए मंगलवार रात तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय, दरोगा महेश दुबे, सिपाही मोहित सोनी, बलवंत कुमार व राकेश सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले, आपराधिक साजिश रचने, साक्ष्य छिपाने समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।