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राजभवन उड़ाने की धमकी का मामला: यूपी ही नहीं झारखंड के भी राज्यपाल को मिली है चिटठी
Wed, 04 Dec 2019 10:44 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 04 Dec 2019 10:44 PM IST
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उत्तर प्रदेश राजभवन
- फोटो : राजभवन यूपी
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लखनऊ में राजभवन को डाइनामाइट से उड़ाने की जिस चिट्ठी से यूपी में हड़कंप मचा हुआ है, उसी तरह के 6 पत्रों से झारखंड पुलिस भी हलकान है। जिस राइटिंग में यूपी के राज्यपाल को धमकी दी गई है उसी राइटिंग में झारखंड के राज्यपाल केनिवास स्थान (राजभवन), मुख्यमंत्री आवास, मुख्य न्यायाधीश के आवास, मुख्य सचिव के आवास और गिरीडीह जिले के डीएम व एसपी के आवास को डायनामाइट से उड़ाने की धमकी दी गई है।
राजभवन को मिले पत्र के बाद यूपी एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर ने जब झारखंड पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि वहां भी इस तरह के पत्र राज्यपाल से लेकर गिरीडीह के डीएम और एसपी तक को आए हुए हैं। झारखंड पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है। वहीं सूत्रों का कहना है कि यूपी राजभवन उड़ाने की धमकी के लिए जिस भाषा और राइटिंग का इस्तेमाल किया गया है, उसी भाषा और राइटिंग का इस्तेमाल झारखंड के विभिन्न अधिकारियों और उच्च पदस्थ लोगों को भेजे गए पत्रों में किया गया है।
यानी एक ही व्यक्ति है, जिसने यह सभी पत्र लिखे हैं। उसक ी तलाश झारखंड पुलिस के साथ अब यूपी पुलिस और एटीएस भी कर रही है। झारखंड के अधिकारियों का कहना है कि यह किसी सिरफिरे व्यक्ति का काम हो सकता है। फिलहाल यूपी एटीएस और लखनऊ पुलिस तफ्तीश के लिए गिरीडीह के लिए रवाना हो चुकी है। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि इस मामले में तफ्तीश की जा रही है।
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राजभवन को मिले पत्र के बाद यूपी एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर ने जब झारखंड पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि वहां भी इस तरह के पत्र राज्यपाल से लेकर गिरीडीह के डीएम और एसपी तक को आए हुए हैं। झारखंड पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है। वहीं सूत्रों का कहना है कि यूपी राजभवन उड़ाने की धमकी के लिए जिस भाषा और राइटिंग का इस्तेमाल किया गया है, उसी भाषा और राइटिंग का इस्तेमाल झारखंड के विभिन्न अधिकारियों और उच्च पदस्थ लोगों को भेजे गए पत्रों में किया गया है।
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यानी एक ही व्यक्ति है, जिसने यह सभी पत्र लिखे हैं। उसक ी तलाश झारखंड पुलिस के साथ अब यूपी पुलिस और एटीएस भी कर रही है। झारखंड के अधिकारियों का कहना है कि यह किसी सिरफिरे व्यक्ति का काम हो सकता है। फिलहाल यूपी एटीएस और लखनऊ पुलिस तफ्तीश के लिए गिरीडीह के लिए रवाना हो चुकी है। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि इस मामले में तफ्तीश की जा रही है।
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किसी सिरफिरे की है करतूत, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को भी लिख चुका है पत्र
झारखंड के एडीजी आपरेशन एम एल मीणा ने बताया कि झारखंड में पिछले दो सालों से इस तरह के पत्र मिल रहे हैं। पत्र लिखने वाला एक ही व्यक्ति है जो कभी हजारी बाग के पते से उच्च पदस्थ लोगों को पत्र भेजता है और कभी गिरीडीह के पते से। मजे की बात यह है कि पत्र का मजमून एक ही होता है।
हाल ही में उसने झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य सचिव को भी पत्र लिखा था। मई में संपन्न लोकसभा आम चुनाव के दौरान भी इसी व्यक्ति ने कई लोगों को पत्र लिखा था। इसमें पश्चिम बंगाल केराज्यपाल को भी धमकी दी थी। उन्होंने बताया कि तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) माओवादियों से अलग होकर बना संगठन है।
मुख्य रूप से इस गिरोह के सदस्य झारखंड के दो जिलों हजारीबाग और गिरीडीह में ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। जो व्यक्ति पत्र भेजता है वह किसी भी नाम और पते का इस्तेमाल करता है। अधिकतर पत्र में अपना जिला गिरीडीह बताता है जबकि कुछ पत्रों में उसने हजारीबाग का पता दिया है।
हाल ही में उसने झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य सचिव को भी पत्र लिखा था। मई में संपन्न लोकसभा आम चुनाव के दौरान भी इसी व्यक्ति ने कई लोगों को पत्र लिखा था। इसमें पश्चिम बंगाल केराज्यपाल को भी धमकी दी थी। उन्होंने बताया कि तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) माओवादियों से अलग होकर बना संगठन है।
मुख्य रूप से इस गिरोह के सदस्य झारखंड के दो जिलों हजारीबाग और गिरीडीह में ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। जो व्यक्ति पत्र भेजता है वह किसी भी नाम और पते का इस्तेमाल करता है। अधिकतर पत्र में अपना जिला गिरीडीह बताता है जबकि कुछ पत्रों में उसने हजारीबाग का पता दिया है।