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Lucknow News: पुनर्वास विवि के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगे सी. सदानंदन मास्टर
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लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य सी. सदानंदन मास्टर होंगे। यह समारोह 31 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में अपराह्न तीन बजे से होगा। विवि के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मुख्य अतिथि के लिए भेजे गए तीन नामों में से सी. सदानंदन मास्टर के नाम को मंजूरी दे दी है।
विवि के प्रवक्ता यशवंत वीरोदय ने बताया कि सी. सदानंदन मास्टर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक सेवा का एक अनूठा उदाहरण है। केरल के कन्नूर जिले के निवासी सदानंदन मास्टर ने अपने कॅरिअर की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के रूप में की थी। वर्ष 1994 में एक जानलेवा हमले में कुछ कट्टरपंथियों ने उनके दोनों पैर काट दिए थे। कृत्रिम पैरों की सहायता से उन्होंने दोबारा विद्यालय लौटकर विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू किया। उनका यह संघर्ष देशभर में प्रेरणा का विषय बना। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2025 में राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। विवि के कुलसचिव रोहित सिंह ने बताया कि समारोह का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र ही जारी किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। मेधावियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
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विवि के प्रवक्ता यशवंत वीरोदय ने बताया कि सी. सदानंदन मास्टर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक सेवा का एक अनूठा उदाहरण है। केरल के कन्नूर जिले के निवासी सदानंदन मास्टर ने अपने कॅरिअर की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के रूप में की थी। वर्ष 1994 में एक जानलेवा हमले में कुछ कट्टरपंथियों ने उनके दोनों पैर काट दिए थे। कृत्रिम पैरों की सहायता से उन्होंने दोबारा विद्यालय लौटकर विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू किया। उनका यह संघर्ष देशभर में प्रेरणा का विषय बना। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2025 में राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। विवि के कुलसचिव रोहित सिंह ने बताया कि समारोह का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र ही जारी किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। मेधावियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
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