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ब्लॉक प्रमुख चुनाव : बलरामपुर में भाजपा को आठ और एक सीट पर कांग्रेस के अविरल ने मारी बाजी

Sat, 10 Jul 2021 10:42 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव लालजी सिंह, अमर उजाला, बलरामपुर
लालजी सिंह, अमर उजाला, बलरामपुर Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 10 Jul 2021 10:42 PM IST
सार

ब्लॉक प्रमुख पद की एकमात्र सीट हरैया सतघरवा के लिए शनिवार को हुए मतदान में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अविरल सिंह ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी गुलाब पाठक को 15 मतों से हराकर कब्जा कर लिया।

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Block Chief Election: In Balrampur, BJP got eight seats and one seat was won by Congress's Aviral.
ब्लॉक प्रमुख चुनाव 2021 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ब्लॉक प्रमुख पद की एकमात्र सीट हरैया सतघरवा के लिए शनिवार को हुए मतदान में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अविरल सिंह ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी गुलाब पाठक को 15 मतों से हराकर कब्जा कर लिया। तुलसीपुर ब्लॉक में शुक्रवार देर शाम भाजपा प्रत्याशी अनीता सिंह तथा सपा प्रत्याशी फिरदोस बानो के मैदान से हटने के बाद भाजपा नेता प्रवीण सिंह विक्की की पत्नी स्वामिता सिंह को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया। जिले में कुल 9 ब्लॉकों में 8 ब्लॉकों का प्रमुख पद भाजपा तथा एक प्रमुख पद पर कांग्रेस की झोली में गया है।

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हरैया सतघरवा ब्लॉक में नामांकन पत्र खरीद को लेकर ही भाजपा व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के समर्थक आपस में भिड़े चुकेे थे। यहां पर भाजपा के गुलाब पाठक को पूर्व विधायक व प्रदेश कांग्रेस महासचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरु के भतीजे अविरल सिंह उर्फ विशाल चुनौती दे रहे थे। शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच ब्लॉक के कुल 134 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मतदान किया। मतगणना में अविरल सिंह को 74 मत व गुलाब पाठक को 59 प्राप्त हुए। एक मत निरस्त कर दिया गया। अविरल सिंह ने गुलाब पाठक को 15 मतों से शिकस्त देकर ब्लॉक प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया।
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सबसे दिलचस्प स्थिति तुलसीपुर ब्लॉक में देखने को मिली। यहां पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी अनीता सिंह के सामने पार्टी के ही पदाधिकारी प्रवीण सिंह विक्की की पत्नी स्वामिता सिंह तथा सपा की फिरदोस बानो चुनाव मैदान में थी। विक्की सिंह देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर के काफी करीबी माने जाते है। नाम वापसी के दिन शुक्रवार शाम क्षेत्रीय विधायक कैलाश नाथ शुक्ला के हस्तक्षेप पर राना प्रताप सिंह ने शक्तिपीठ पहुंचकर अपनी पत्नी अनीता सिंह का समर्थन भाजपा विधायकों, जिलाध्यक्ष व पीठ के महंत के सामने स्वामिता सिंह को दे दिया।
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इसी दौरान फिरदोस बानो भी चुनाव मैदान से हट गई। राना प्रताप सिंह का कहना था कि संगठन ने उनकी पत्नी अनीता सिंह को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। विक्की सिंह अपनी पत्नी को चुनाव मैदान से हटाने के लिए राजी नहीं हो रहे थे। दोनों की लड़ाई में सपा को फायदा होने की संभावना थी। इसलिए वह स्वामिता सिंह के समर्थन में अपनी पत्नी अनीता सिंह को चुनाव मैदान से हटा रहे है। शनिवार को स्वामिता सिंह को आरओ सुभाष चंद्रा ने बिना चुनाव हुए ही निर्विरोध विजयी घोषित कर प्रमाण पत्र दे दिया। जिले के सात ब्लॉकों में एकल नामांकन के चलते सात भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके है।

सपा-बसपा धड़ाम, कांग्रेस ने निभाई विपक्ष की भूमिका
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल सपा-बसपा चारों खाने चित हो गए है। 9 ब्लॉकों में प्रमुख पद पर 8 सीटें भाजपा तथा एक सीट कांग्रेस की झोली में गई है। केवल कांग्रेस ने ही सत्ताधारी दल को चुनौती देकर विपक्ष की भूमिका निभाई है।

विदित हो कि वर्ष 2017 के विधानसभा तथा 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने वाली समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष तथा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बेअसर दिखी। भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर निर्विरोध कब्जा करने के बाद 9 में से 8 ब्लॉकों के प्रमुख पदों पर भी निर्विरोध कब्जा कर लिया। सात ब्लॉकों में विपक्षी दल चुनाव लड़ना तो दूर नामांकन पत्र ही नहीं खरीद पाए।

हरैया सतघरवा ब्लॉक में प्रदेश कांग्रेस महासचिव और पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरु ने भाजपा को सीधी टक्कर दी और भाजपा समर्थित उम्मीदवार के सामने अपने भतीजे अविरल सिंह को उतार कर विपक्ष का एहसास कराया। यही नहीं मतदान के बाद उनके भतीजे ने भाजपा उम्मीदवार को 15 मतों से हराकर प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया। विदित हो कि जिले को सपा तथा बसपा का गढ़ माना जाता रहा है। वर्तमान सांसद भी बहुजन समाज पार्टी के ही है ऐसे में ब्लॉक प्रमुख पदों पर सपा तथा बसपा की खामोशी जनमानस में चर्चा का विषय बन गई है।


लोगों का कहना है कि वर्ष 2022 में भाजपा का विजय रथ रोकने का दावा करने वाले सपाई व बसपाई पंचायत चुनाव में खामोश क्यों रहे। 9 में से 8 सीटों पर कब्जा करने वाली भाजपा तथा उसके विधायक व पदाधिकारी काफी उत्साहित दिख रहे है। उनका कहना है कि जनता ने विपक्ष को नकार दिया है इसलिए वह लोग खामोश है। कुछ लोग इसे जिले के सियासी समीकरण के बदलाव के रूप में भी देख रहे है।

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