भाजपाइयों की 'कहानी' सुन सीएम बोले कार्रवाई करूंगा
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भाजपा के कुछ विधायक और पदाधिकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके कार्यालय में मिले। इन लोगों ने कांठ की घटना और अन्य स्थानों पर घट रही घटनाओं पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया।
साथ ही कांठ मामले में मुरादाबाद के एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव के आचरण पर नाराजगी जताई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मुख्यमंत्री को बसपा शासन में राजधानी के हजरतगंज चौराहे पर सपा के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी आनंद भदौरिया के साथ तत्कालीन एसएसपी डी. के. ठाकुर के घटिया व अमानवीय व्यवहार की याद दिलाते हुए एसएसपी धर्मवीर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों व पदाधिकारियों को लोकतांत्रिक परंपराओं व संवैधानिक मर्यादाओं के निर्वहन का भरोसा दिलाया।
एसएसपी ने की अमानवीय हरकत
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि कांठ में प्रशासन की एकपक्षीय कार्रवाई से क्षोभ उत्पन्न हुआ। सात दिन तक बाजार बंद रहे।
पंचायत की घोषणा होने के बाद भी प्रशासन मामले को सुलझाने के बजाय एक पक्ष के पूजा स्थल का निर्माण कराता रहा। दूसरे पक्ष के लाउडस्पीकर को नहीं लगने दिया। जिससे माहौल बिगड़ा।
उन्होंने मुख्यमंत्री को दिलाया कि लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी ठाकुर ने जब सपा युवजन सभा के कार्यकर्ता भदौरिया के चेहरे पर अपने पैर का जूता रखकर अमानवीय कृत्य किया था। तब भाजपा ने सबसे पहले इस व्यवहार की निंदा की थी।
आप सत्ता में आए तो ठाकुर को पीटीसी चुनाव भेज दिया। कहा कि मुरादाबाद के एसएसपी ने डी.के. ठाकुर से ज्यादा अमानवीय हरकतें की है। उसी स्तर की कठोर कार्रवाई की जाए।
रेपकांड पर भी सवाल
भाजपा विधान परिषद में भाजपा के नेता हृदयनारायण दीक्षित ने मोहनलालगंज थाने के अंतर्गत ग्राम बलसिंहखेड़ा में युवती से दुराचार और अमानवीय तरीके से हत्या का मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि शाम तक हर हालत में कठोर कार्रवाई हो जाएगी।
फिर कैसे दर्ज हो गया मुकदमा
भाजपा अध्यक्ष ने तर्क दिया कि पंचायत में प्रतिबंध लगने के कारण जिन लोगों को पुलिस ने पहले ही हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में रोक लिया था।
उन पर भी रेलवे ट्रैक पर घटी घटनाओं के आरोप में मुकदमा दर्ज करना कहां तक न्यायसंगत है। वाजपेयी ने फिरोजाबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न की शिकायत भी मुख्यमंत्री से की।
साथ ही प्रदेश मंत्री दयाशंकर सिंह को लगी चोट दिखाते हुए उन्हें लखनऊ में युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं पर पुलिस के बर्बर बल प्रयोग की याद दिलाई।
ये थे प्रतिनिधिमंडल में
भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि एसएसपी धर्मवीर यादव पहले मथुरा के कोसी में बवाल कराने, अलीगढ़ में छात्रों के साथ दुर्व्यवहार, हाथरस का स्टिंग आपरेशन और जौनपुर रेलवे स्टेशन पर मूर्तियों के अपमान जैसी घटनाओं के कारण बदनाम रहे हैं।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधि मण्डल में प्रमुख रूप से विधायक राजेश अग्रवाल, सलिल विश्नोई, जनमेजय सिंह, मुकुट बिहारी वर्मा, सत्यप्रकाश अग्रवाल, रवीन्द्र भड़ाना, योगेन्द्र उपाध्याय, बावन सिंह, डॉ.अरुण सक्सेना, मनीष असीजा, रामचन्द्र यादव, सुरेश राणा, लोकेन्द्र सिंह चौहान, रघुनन्दन सिंह भदौरिया, रवि शर्मा, उपेन्द्र तिवारी, प्रदेश मंत्री दया शंकर सिंह, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्र मोहन और प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष शुक्ला शामिल थे।