'यूपी की राजनीति से अंधेरा छंटेगा, कमल खिलेगा'
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भाजपा का 37वां स्थापना दिवस बुधवार को प्रदेश भर में समारोह पूर्वक मनाया गया गया। राजधानी के 19 मंडलों में आयोजित कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति और उद्देश्य बताए गए।
प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने अटल बिहारी वाजपेयी का पुराना और चर्चित डायलॉग दोहराते हुए कहा कि प्रदेश की राजनीति में अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। कार्यकर्ताओं के बल पर हम एक बार फिर सत्ता में आएंगे।
भाजपा ने अपने स्थापना दिवस को समर्पण दिवस के रूप में मनाया। प्रदेश के सभी 90 जिला व महानगर इकाइयों से जुड़े 1460 मंडलों में कार्यक्रम हुए। लखनऊ में सेक्टर-6 विकासनगर स्थित रानी लक्ष्मीबाई स्कूल में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने कहा कि 6 अप्रैल 1980 को पार्टी की स्थापना से देश की राजनीतिक में नए पर्व का शुभारंभ हुआ था। प्रदेश में भाजपा सदस्यों की संख्या 2 करोड़ से अधिक है।
मुंबई में 1980 में भाजपा के पहले अधिवेशन में अटल बिहारी बाजपेयी कहा था, ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’। उन्होंने जो कहा वही हुआ।
प्रदेश की राजनीति में फिर अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। दूसरी ओर, मोहनलालगंज लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद कौशल किशोर ने यूपी प्रेस क्लब में समर्पण दिवस को मनाते हुए भाजपा के सफर को याद किया।
राष्ट्रवाद को मजहब या परंपरा से न देखा जाए
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ के कई मंडलों के कार्यक्रमों में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ की स्थापना सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को लेकर की गई थी।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को किसी एक पंथ मजहब या परंपरा से जोड़कर देखना उचित नहीं है। यह भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति पर आधारित उदारवादी मानवतावादी शाश्वत जीवन मूल्यों पर आधारित है। इनका आधार पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद है। यह दर्शन मानवतावादी तथा अंत्योदय पर आधारित है।
अंबेडकर जयंती पर 14 से 16 तक कार्यक्रम
पार्टी ने अब बूथों पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। अंबेडकर जयंती 14, 15, 16 अप्रैल को समरसता दिवस के रूप में सभी बूथों पर मनाई जाएगी। वहीं 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती, 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती सभी बूथों पर मनाई जाएगी।