{"_id":"683010d057498559850af428","slug":"bangladeshi-convicted-sentenced-7-5-years-prison-fined-rs-20-000-nine-years-ago-he-committed-robbery-2025-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: डकैती के दोषी बांग्लादेशी नागरिक को साढ़े सात साल की कैद, 20 हजार का लगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow: डकैती के दोषी बांग्लादेशी नागरिक को साढ़े सात साल की कैद, 20 हजार का लगा जुर्माना
Fri, 23 May 2025 01:55 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 23 May 2025 01:55 PM IST
सार
लखनऊ के गोमतीनगर में साथियों के साथ मिलकर डकैती डालने के मामले में बांग्लादेशी नागरिक को साढ़े सात साल कैद की सजा सुनाई गई है। वह कई अन्य मामलों में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घर में घुसकर डकैती डालने वाले बांग्लादेश के बगेरहट निवासी असलम उर्फ खोखन को एडीजे रोहित सिंह ने दोषी ठहराकर सात साल छह माह की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है।
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की रिपोर्ट वादी अभिनव कपूर ने नौ दिसंबर 2016 को गोमती नगर थाने में दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि रात में करीब 3:30 बजे छह डकैतों ने घर में घुसकर वादी के साथ मारपीट की। अलमारी का ताला तोड़कर गहने, घड़ियां, मोबाइल व नकदी लूट ले गए। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि अवैध रूप से भारत में रह रहे आरोपी असलम उर्फ खोकन ने साथियों के साथ मिलकर डकैती डाली थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़े- UP: वसूली में फंसे दरोगा और तीन सिपाही जांच में दोषी, हर वाहन से लेते थे एक हजार रुपये, रिकॉडिंग अहम सुबूत
विज्ञापन
ये भी पढ़े- Ambedkarnagar: प्रेमिका की सहेली पर हमले के आरोपी ने सिपाही की बंदूक छीनकर किया भागने का प्रयास, मुठभेड़ में घायल
कोर्ट में सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल से लाए गए असलम ने गुजारिश की कि वह अन्य मामलों में दिल्ली की तिहाड़ जेल में काफी समय से बंद है। इस मामले में 22 फरवरी 2019 से जेल में है। लिहाजा, जेल में बिताई गई अवधि की ही सजा सुनाई जाए। कोर्ट को आश्वासन भी दिया कि जेल से रिहा होकर अच्छे नागरिक की भांति समाज में जीवन जीना चाहता है। कोर्ट ने दंडित करते हुए असलम को तिहाड़ जेल वापस भेजने का आदेश दिया।