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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ayodhya Ram Mandir: The plinth will be ready by the end of August, the construction of the parikrama path

Ayodhya Ram Mandir : अगस्त के अंत तक तैयार हो जाएगी प्लिंथ, गर्भगृह के महापीठ की परिक्रमा पथ का निर्माण पूरा

Fri, 29 Jul 2022 07:45 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, अयोध्या Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 29 Jul 2022 07:45 AM IST
सार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि प्लिंथ में अब केवल 4600 पत्थर लगने शेष बचे हैं। प्लिंथ में कुल 17 हजार ग्रेनाइट के पत्थर लगने हैं अब तक 12 हजार से अधिक पत्थर लग चुके हैं।

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Ayodhya Ram Mandir: The plinth will be ready by the end of August, the construction of the parikrama path
राममंदिर का भव्य विग्रह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर के गर्भगृह, प्लिंथ व रिटेनिंग वॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने परिसर में हो रहे निर्माण कार्य की तस्वीर गुरुवार को सोशल मीडिया पर जारी मंदिर निर्माण की प्रगति से रामभक्तों को अवगत कराया। गर्भगृह के महापीठ के परिक्रमा पथ का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। गर्भगृह में अब तक 210 पत्थर बिछाए जा चुके हैं। वहीं प्लिंथ का काम अगस्त के मध्य या अंत तक पूरा हो जाएगा।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि प्लिंथ में अब केवल 4600 पत्थर लगने शेष बचे हैं। प्लिंथ में कुल 17 हजार ग्रेनाइट के पत्थर लगने हैं अब तक 12 हजार से अधिक पत्थर लग चुके हैं। बताया कि प्लिंथ का काम 20 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने गर्भगृह निर्माण की प्रगति बताते हुए कहा कि गर्भगृह की महापीठ के परिक्रमा पथ का निर्माण पूरा कर लिया गया है। महापीठ वह स्थल है जहां भगवान रामलला विराजेंगे। 
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कहा कि महापीठ के चारों तरफ एक गलियारा बनाया जा रहा है जो महापीठ का परिक्रमा पथ है। जहां से भगवान के गर्भगृह की परिक्रमा की जा सकेगी। मंदिर की परिक्रमा के लिए एक विशाल परिक्रमा पथ अलग से प्रस्तावित है। करीब 20 फीट चौड़े परिक्रमा पथ में एक साथ पांच हजार भक्त परिक्रमा कर सकेंगे। गर्भगृह में अब तक 210 पत्थर बिछाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए 12 मीटर गहरी रिटेनिंग वॉल का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कहा कि अब तक सात मीटर दीवार बनकर तैयार है। बताया कि जन्मभूमि परिसर में यात्री सुविधा केंद्र के लिए शीघ्र ही विकास प्राधिकरण में नक्शा पास कराने के लिए भेजा जाएगा। इसकी डिजाइन व ड्राइंग इंजीनियर तैयार करने में जुटे हैं।
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राममंदिर में बढ़ेगी पुजारियों की संख्या
राममंदिर बन जाने के बाद पुजारियों की संख्या भी बढ़ेगी। राममंदिर में अभी पांच पुजारी कार्यरत हैं। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के अलावा चार सहायक पुजारी दो शिफ्ट में रामलला की सेवा कर रहे हैं। उनका वेतनमान भी ट्रस्ट ने निश्चित कर रखा है। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हुई बैठक में राममंदिर में पुजारियों की संख्या को लेकर भी चर्चा हुई है। चूंकि परिसर में ऋषि वाल्मीकि, माता सीता, भगवान गणेश सहित सात मंदिर बनने हैं ऐसे में इनकी सेवा के लिए पुजारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने कहा कि अभी पुजारियों की संख्या बढ़ाने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है, यह भविष्य की बात है।

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