आशियाना दुराचार कांडः कोर्ट ने डीएम और राज्य महिला आयोग की सचिव से किया जवाब तलब, पूछा ये सवाल
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लखनऊ के चर्चित वर्ष 2005 के आशियाना दुराचार कांड की पीड़िता के मुआवजे को लेकर डीएम समेत राज्य महिला आयोग की सचिव से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने दोनों को निर्देश दिया कि 10 दिन में विस्तृत हलफनामा दाखिल कर यह बताएं कि पीड़िता को कोई मुआवजा दिया गया या नहीं।
अदालत ने पीड़िता को भी यह जिक्त्रस् करते हुए हलफनामा पेश करने को कहा है कि क्या उसे कोई मुआवजा मिला या नहीं। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश वकील आदर्श मेहरोत्रा की जनहित याचिका पर दिया।
पीड़िता घटना के समय थी नाबालिग
इसमें याची ने वर्ष 2006 में छपी एक खबर को आधार बनाकर उसे मुआवजा दिलाए जाने का आग्रह किया था। साथ ही अदालत ने भी मुआवजे के मुद्दे का खुद संज्ञान लिया था। याची के अधिवक्ता का कहना था कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी, जिसे 9 मई 2005 से 8 दिसंबर 2006 तक उसके पिता की सहमति के बगैर महिला संरक्षण गृह में रखा गया था, जो अवैध था।
इसके लिये याची ने पीड़िता को राज्य सरकार से मुआवजा दिलाए जाने की गुजारिश की थी।