{"_id":"ba20b4b3d014dc0769c4ef3cf2f7a8e3","slug":"all-about-an-ias-officer-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"वह अक्सर जीत जाता है....","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वह अक्सर जीत जाता है....
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 03 Mar 2014 11:20 AM IST
विज्ञापन
आजकल एक नौकरशाह आने-जाने वालों के सामने अपने ही साथी नौकरशाह की रचना - ‘माहिर मैं भी हूं इस फन का, फर्क सिर्फ इतना है कि वह अक्सर जीत जाता है, मैं अक्सर हार जाता हूं..’ गुनगुनाने लगते हैं।
विज्ञापन
रचना का संदर्भ और अर्थ समझने के लिए जोर देने पर उनका दर्द बाहर आ जाता है।
पहले वे यह बताने की कोशिश करते हैं कि ये लाइनें सिर्फ अपने लिए नहीं कह रहे बल्कि अपने तरह के कई दूसरे लोगों के लिए हैं।
इनका तर्क है कि जब हुकूमत मुश्किल में होती है तो उन जैसे लोगों को याद किया जाता है। इन साहब के पास इस तरह के तमाम नाम दर्ज हैं। हालांकि ये अपनी अदा से खुश हैं।
विज्ञापन