{"_id":"6aadaae47bef63135304c718","slug":"aktu-has-released-the-marksheets-of-370-lakh-students-lucknow-news-c-13-lko1025-1927055-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: एकेटीयू ने जारी की 3.70 लाख छात्रों की मार्क्सशीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: एकेटीयू ने जारी की 3.70 लाख छात्रों की मार्क्सशीट
विज्ञापन
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने लंबी कवायद के बाद 3.70 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की मार्क्सशीट जारी कर दी है। विवि प्रशासन ने कॉलेजों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि वे अपने यहां के छात्रों की मार्क्सशीट प्राप्त कर उन्हें वितरित करें। जुलाई में रिजल्ट जारी होने के बाद मार्कशीट जारी नहीं हो रही थी। इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए अमर उजाला ने 12 सितंबर के अंक में ‘जुलाई में दीक्षांत समारोह, अब तक अंकपत्र के लाले’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विवि प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी कर कॉलेजों को मार्क्सशीट उपलब्ध करा दी है। इससे छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
विवि ने कॉलेजों के प्रतिनिधियों को बुलाकर कोर्सवार मार्क्सशीट उपलब्ध कराई है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने इसे समय से छात्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन संस्थानों ने अभी मार्क्सशीट प्राप्त नहीं की है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर डाक से भेज दिया जाएगा।
बता दें कि विवि ने सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित करने के बाद जून में समय से परिणाम जारी कर दिया था। जुलाई के पहले सप्ताह में दीक्षांत समारोह भी आयोजित हुआ, लेकिन इसके बावजूद छात्रों को मार्क्सशीट नहीं मिल सकी थी। इससे अंतिम वर्ष के छात्रों की नौकरी संबंधी प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी और वे कॉलेज व विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विवि ने कॉलेजों के प्रतिनिधियों को बुलाकर कोर्सवार मार्क्सशीट उपलब्ध कराई है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने इसे समय से छात्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन संस्थानों ने अभी मार्क्सशीट प्राप्त नहीं की है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर डाक से भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि विवि ने सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित करने के बाद जून में समय से परिणाम जारी कर दिया था। जुलाई के पहले सप्ताह में दीक्षांत समारोह भी आयोजित हुआ, लेकिन इसके बावजूद छात्रों को मार्क्सशीट नहीं मिल सकी थी। इससे अंतिम वर्ष के छात्रों की नौकरी संबंधी प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी और वे कॉलेज व विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे थे।
विज्ञापन