फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Akhilesh Yadav writes letter to PDA.

UP: अखिलेश ने पीडीए को लिखा पत्र, बोले- डॉ. अंबेडकर ने प्रभुत्ववादियों को दी चुनौती, किया ये आह्वान

Sun, 22 Dec 2024 03:13 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 22 Dec 2024 03:13 PM IST
सार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीडीए को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों को एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने की अपील की है।

विज्ञापन
Akhilesh Yadav writes letter to PDA.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीडीए को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है और एकजुट होकर उन्हें सत्ता से बाहर करने का आह्वान किया है। अखिलेश यादव ने अपने पत्र में लिखा कि प्रिय पीडीए समाज, 'प्रभुत्ववादियों और उनके संगी-साथियों' के लिए बाबासाहेब सदैव से एक ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं, जिन्होंने संविधान बनाकर शोषणात्मक-नकारात्मक प्रभुत्ववादी सोच पर पाबंदी लगाई थी। इसीलिए ये प्रभुत्ववादी हमेशा से बाबासाहेब के खिलाफ रहे हैं और समय-समय पर उनके अपमान के लिए तिरस्कारपूर्ण बयान देते रहे हैं।

विज्ञापन


'प्रभुत्ववादियों और उनके संगी-साथियों ने कभी भी बाबसाहेब के 'सबकी बराबरी के सिद्धांत को स्वीकार नहीं किया क्योंकि ऐसा करने से समाज एक समान भूमि पर बैठा दिखता, जबकि प्रभुत्ववादी और उनके संगी-साथी चाहते थे कि उन जैसे जो सामंती लोग सदियों से सत्ता और धन पर कब्जा करके सदैव ऊपर रहे हैं वो हमेशा ऊपर ही रहें और पीडीए समाज के जो लोग शोषित, वंचित, पीड़ित हैं वो सब सामाजिक सोपान पर हमेशा नीचे ही रहें। बाबसाहेब ने इस व्यवस्था को तोड़ने के लिए शुरू से आवाज ही नहीं उठाई बल्कि जब देश आज़ाद हुआ तो संविधान बनाकर उत्पीड़ित पीडीए समाज की रक्षा का कवच भी बनाकर दिया। आज के 'प्रभुत्ववादियों और उनके संगी-साथियों के वैचारिक पूर्वजों ने बाबासाहेब के बनाए संविधान को अभारतीय भी कहा और उसे सभ्यता के विरुद्ध भी बताया क्योंकि संविधान ने उनकी परंपरागत सत्ता को चुनौती दी थी और देश की 90 प्रतिशत वंचित आबादी को आरक्षण के माध्यम से हक और अधिकार दिलवाया था, साथ ही उनमें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की स्थापना भी की थी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सपा विधायक के बिगड़े बोल, कहा- भाजपा एक हिंदू आतंकवादी संगठन; ये लोग देश को करना चाहते बर्बाद
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी को आजीवन मिलेगा वेतन, 1992 में मिलते थे 100 रुपये; आज इतनी है सैलरी


'प्रभुत्ववादियों और उनके संगी-साथी' सदैव आरक्षण के विरोधी रहे हैं। सदियों की पीड़ा और आरक्षण दोनों ही पीडीए को एकसूत्र करते हैं, चूंकि बाबासाहेब 'संविधान' और 'सामाजिक न्याय' के सूत्रधार थे, इसीलिए ऐसे प्रभुत्ववादी नकारात्मक लोगों को बाबासाहेब हमेशा अखरते थे।

बाबासाहेब ने हर एक इंसान को एक मानव के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए आंदोलन में हिस्सा लेने की बात कहीं भी और खुद करके भी दिखाया व तथाकथित उच्च जाति और सांमती शोषण को साहसपूर्ण चुनौती भी दी। बाबासाहेब ही आत्म सम्मान के प्रेरणा स्रोत रहे। इसीलिए 'प्रभुत्ववादियों और उनके संगी-साथी' हर बार बाबासाहेब और उनके बनाये संविधान के अपमान-तिरस्कार की साजिश रचते रहते हैं जिससे कि पीडीए समाज मानसिक रूप से हतोत्साहित हो जाए और अपने अधिकार के लिए कोई आंदोलन न कर पाये। जब कभी ये बात समझकर पीडीए समाज आक्रोशित होता है, तो सत्ताकामी ये 'प्रभुत्ववादी और उनके संगी-साथी' दिखावटी माफी का नाटक भी रचते हैं।

अपमान की इस प्रथा को तोड़ने के लिए अब पीडीए समाज के हर युवक, युवती, महिला, पुरुष ने ये ठान लिया है कि वो सामाजिक एकजुटता से राजनीतिक शक्ति प्राप्त करके 'अपनी सरकार' बनाएंगे और बाबासाहेब और उनके संविधान को अपमानित और खारिज करनेवालों को हमेशा के लिए सत्ता से हटा देंगे। और जो 'प्रभुत्ववादी और उनके संगी- साथी' संविधान की समीक्षा के नाम पर आरक्षण को हटाने मतलब नौकरी में आरक्षण का हक मारने का बार-बार षड्यंत रचते हैं, उन्हें ही हटा देंगे। उसके बाद ही जाति जनगणना हो सकेगी और पीडीए समाज को उनकी गिनती के हिसाब से उनका हक़ और समाज में उनकी भागीदारी के अनुपात में सही हिस्सा मिल पायेगा। धन का सही वितरण भी तभी हो पायेगा, हर हाथ में पैसा आएगा, हर कोई सम्मान के साथ सिर उठाकर जी पायेगा और अपने जीवन में खुशियां और खुशहाली को महसूस कर पायेगा। सदियों से पीडीए समाज के जिन चेहरों पर अपमान, उत्पीड़न, दुःख और दर्द रहा है। उन चेहरों पर उज्ज्वल भविष्य की मुस्कान आएगी, और फिर उनके घर परिवार बच्चों के लिए सम्मान से जीने की नयी राह खुल जाएगी। तो आइए मिलकर देश का संविधान और बाबासाहेब का मान व आरक्षण बचाएं और अपने सुनहरे, नये भविष्य के लिए एकजुट हो जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed