मोदी को पत्र लिख सीएम बोले- तुरंत जारी करें 200 करोड़ रुपये
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सूबे में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के निर्माण को रफ्तार देने के लिए पैसे की मांग की है।
दिवाली के मौके पर मोदी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि पिछले तीन वर्षों से केंद्र से समय से पैसा न मिल पाने की वजह से गांवों की सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
2600 करोड़ कर दिया जाए बजट : मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से सूबे के लिए पीएमजीएसवाई के बजट को 2600 करोड़ रुपये निर्धारित करने का आग्रह किया है।
लिखा है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर पूर्व निर्धारित बजट को 670 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 737 करोड़ करने की जानकारी प्रदेश सरकार को मिली है। हमारा अनुरोध है कि इसे 2600 करोड़ रुपये कर दिया जाए जिससे प्रदेश में गांवों की सड़कों के निर्माण को रफ्तार मिल सके।
पैसे नहीं मिलने से रुका है काम : मुख्यमंत्री ने लिखा है कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र से पूरा पैसा न मिलने के कारण सूबे में स्वीकृत सड़कों का समय से निर्माण नहीं हो सका। मौजूदा प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से कुछ सड़कें बनवाईं, पर पिछले तीन सालों में स्वीकृत जितनी सड़कों का निर्माण होना है, उन पर लगभग 2600 करोड़ रुपये की लागत और आने का अनुमान है। इसलिए 2015-16 के बजट में इतनी राशि का निर्धारण जरूरी है।
प्रदेश सरकार ने खर्च किए 943 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार से 638.70 करोड़ रुपये मिले। प्रदेश सरकार ने अपने पास से 200 करोड़ रुपये और मिलाते हुए 943 करोड़ रुपये खर्च किए। 2013-14 में पीएमजीएसवाई-2 के लिए 1134.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक कोई रकम प्रदेश सरकार को नहीं मिल पाई जबकि प्रदेश सरकार की तरफ से बनवाई जा रही ये सड़कें निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।
पीएमजीएसवाई-1 फेज के लिए 1500 करोड़ रुपये का काम पूरा करने के लिए भी केंद्र से अभी तक धन नहीं मिला है।
रख-रखाव के बिना सड़कें खस्ताहाल : सीएम ने लिखा है कि कई मार्ग ऐसे हैं जो बन चुके हैं लेकिन भुगतान न हो पाने के कारण उनका रख-रखाव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उनकी हालत खस्ता होती जा रही है।
पीएमजीएसवाई-2 के अंतर्गत अभी कोई किस्त जारी न होने से भी मुश्किल खड़ी हो रही है जबकि 2015-16 के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त 492 करोड़ रुपये का उपभोग प्रमाण पत्र केंद्र सरकार को प्रेषित किया जा चुका है।