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UP: संघ के अनुषांगिक संगठन दूर करेंगे चुनावी राह के कील कांटे, प्रत्येक संगठन को मिला माहौल बनाने का जिम्मा
Sat, 30 Sep 2023 10:36 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Sep 2023 10:36 AM IST
सार
राजधानी में 19 सितंबर को संघ, अनुषांगिक संगठनों, सरकार और भाजपा की मैराधन समन्वय बैठक चली थी। बैठक में विभिन्न अनुषांगिक संगठनों ने अपनी समस्याएं रखने के साथ जमीनी फीडबैक भी सरकार व भाजपा के शीर्ष लोगों को बताया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अनुषांगिक संगठन लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की राह के कील कांटे दूर करेंगे। संघ के सह सर कार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी में हुई संघ, भाजपा, प्रदेश सरकार और अनुषांगिक संगठनों की बैठक में तय एजेंडे के बाद इसकी कवायद शुरू हो गई है।
राजधानी में 19 सितंबर को संघ, अनुषांगिक संगठनों, सरकार और भाजपा की मैराधन समन्वय बैठक चली थी। बैठक में विभिन्न अनुषांगिक संगठनों ने अपनी समस्याएं रखने के साथ जमीनी फीडबैक भी सरकार व भाजपा के शीर्ष लोगों को बताया था।
बैठक में हुए निर्णय के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के बीच, लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों के बीच, सेवा भारती बस्तियों में, शैक्षिक महासंघ शिक्षकों के बीच, विहिप और बजरंग दल हिन्दू धर्म से जुड़े सामाजिक संगठनों, किसान संघ किसानों और अधिवक्ता परिषद वकीलों के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पक्ष में माहौल बनाएंगे।
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अनुषांगिक संगठन ग्रामीण और शहरी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास की जानकारी देकर छोटी मोटी नाराजगी दूर करने का भी प्रयास करेंगे। संघ का प्रयास है कि चुनाव नजदीक आते आते सभी अनुषांगिक संगठन उनसे जुड़े क्षेत्रों में भगवा चुनावी माहौल तैयार कर दें।
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राजधानी में 19 सितंबर को संघ, अनुषांगिक संगठनों, सरकार और भाजपा की मैराधन समन्वय बैठक चली थी। बैठक में विभिन्न अनुषांगिक संगठनों ने अपनी समस्याएं रखने के साथ जमीनी फीडबैक भी सरकार व भाजपा के शीर्ष लोगों को बताया था।
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बैठक में हुए निर्णय के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के बीच, लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों के बीच, सेवा भारती बस्तियों में, शैक्षिक महासंघ शिक्षकों के बीच, विहिप और बजरंग दल हिन्दू धर्म से जुड़े सामाजिक संगठनों, किसान संघ किसानों और अधिवक्ता परिषद वकीलों के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पक्ष में माहौल बनाएंगे।
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अनुषांगिक संगठन ग्रामीण और शहरी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास की जानकारी देकर छोटी मोटी नाराजगी दूर करने का भी प्रयास करेंगे। संघ का प्रयास है कि चुनाव नजदीक आते आते सभी अनुषांगिक संगठन उनसे जुड़े क्षेत्रों में भगवा चुनावी माहौल तैयार कर दें।
सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में करेंगे मदद
सीएम योगी आदित्यनाथ ने समन्वय बैठक में अनुषांगिक संगठनों के जरिये सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने, योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करने और नीचे तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के मुताबिक सहकार भारती, लघु उद्योग भारती, विद्या भारती, अभाविप, विहिप, बजरंग दल सहित सभी संगठन इस पर काम करेंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने समन्वय बैठक में अनुषांगिक संगठनों के जरिये सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने, योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करने और नीचे तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के मुताबिक सहकार भारती, लघु उद्योग भारती, विद्या भारती, अभाविप, विहिप, बजरंग दल सहित सभी संगठन इस पर काम करेंगे।
मंत्रियों और सांसदों को व्यवहार सुधारने की सलाह
सूत्रों का कहना है कि समन्वय बैठक में कुछ सांसद और मंत्रियों के जनता के साथ व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई गई थी। सांसद और मंत्रियों की ओर से काडर के कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर समानांतर अपनी टीम खड़ी करने जैसी शिकायतें भी मिली थीं। अनुषांगिक संगठनों के फीडबैक के बाद अब सांसद और मंत्रियों को भी अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार सुधारने को कहा जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि समन्वय बैठक में कुछ सांसद और मंत्रियों के जनता के साथ व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई गई थी। सांसद और मंत्रियों की ओर से काडर के कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर समानांतर अपनी टीम खड़ी करने जैसी शिकायतें भी मिली थीं। अनुषांगिक संगठनों के फीडबैक के बाद अब सांसद और मंत्रियों को भी अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार सुधारने को कहा जाएगा।
इतना ही नहीं बैठक में जिन विभागों से जुड़ी समस्याएं बताई गई थी उनके समाधान के लिए संबंधित मंत्री को भी सरकार और भाजपा प्रदेश मुख्यालय की ओर से निर्देशित किया जा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि समन्वय बैठक में हुए निर्णयों पर कार्रवाई की जा रही है।