सीएम आदित्यनाथ का ऐलान, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर 'जीरो टॉलरेंस'
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शपथ लेने के बाद एक्शन में आए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पहली ही बैठक में वरिष्ठ अफसरों को स्पष्ट कह दिया है कि भ्रष्टाचार व कानून-व्यवस्था पर सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी।
भ्रष्टाचार मुक्त और गुंडाराज मुक्त शासन सरकार की पहली प्राथमिकता होगी। अफसरों को हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सरकार की मंशा समझ लें। इस तरह से काम करें कि लोगों को बदलाव का एहसास हो।
सीएम ने सोमवार को लोकभवन में मुख्य सचिव राहुल भटनागर व शासन के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों के साथ बैठक की।
उन्होंने अफसरों को कानून का राज सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि हर स्तर पर आम नागरिकों के प्रति सम्मानजनक और समानता का व्यवहार होना चाहिए। अराजकता स्वीकार नहीं होगी। इस पर फौरी एक्शन होना चाहिए।
फिजूलखर्ची न हो: आदित्यनाथ ने अफसरों को तड़क-भड़क व फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की भी हिदायत दी। उन्होंने अफसरों से कहा कि सादगी व मितव्ययिता कामकाज में झलकनी चाहिए।
शासन में बड़े फेरबदल का संकेत
सीएम ने शासन में बड़े स्तर पर बदलाव का संकेत दिया है। उन्होंने अफसरों से कहा कि सही कार्य के लिए सही व्यक्ति की सही जगह तैनाती होनी चाहिए। समझा जाता है सीएम अफसरशाही में जल्दी ही फेरबदल की शुरुआत कर सकते हैं।
मुख्य सचिव के लिए राजीव कुमार का नाम चर्चा में
सीएम के साथ बैठक के बाद से अफसरशाही में मुख्य सचिव के भी बदलने की अटकलें तेज हो गईं हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 1981 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव कुमार-प्रथम का नाम अफसरशाही की सबसे बड़ी कुर्सी के लिए सबसे आगे है।
कुमार केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय में सचिव हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी देवेश चतुर्वेदी का नाम चर्चा में है। चतुर्वेदी कार्मिक मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। ये दोनों अधिकारी पिछली सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे।
मंत्रियों के बाद अफसरों से मांगा सम्पत्ति का ब्यौरा
मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के बाद अपने मंत्रियों के साथ पहली अनौपचारिक बैठक में 15 दिन के भीतर आय व संपत्ति का ब्योरा देने का निर्देश दिया था। सोमवार को उन्होंने यही फरमान शासन के आला अफसरों को सुना दिया।
उन्होंने मुख्य सचिव को आय व संपत्ति का ब्यौरा देने संबंधी प्रोफामा तैयार कर अधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। अफसरों को आय व संपत्ति का ब्यौरा हर साल देना होगा। इसके बाद कर्मचारियों के लिए भी अनिवार्य किए जाने की संभावना बढ़ गई है।
सिटीजन चार्टर बने, हर काम की तय हो समयसीमा
आदित्यनाथ ने कहा कि आम लोगों को काम के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए हर काम की समयसीमा तय होनी चाहिए। उन्होंने हर विभाग का सिटीजन चार्टर तैयार कराने और उसे लागू करने का निर्देश दिया।
अफसरों को योगी ने दिया काम का मंत्र
- भ्रष्टाचार मुक्त व गुंडाराज मुक्त शासन।
- संवेदनशील, जवाबदेह, ऊर्जावान व प्रगतिशील सरकार।
- परिणाम मूलक कार्यसंस्कृति।
- लोक शिकायतों का त्वरित निदान।
- किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान समय पर।
अफसरों में बंटवाया 'संकल्प पत्र', बोले- अमल करें
आदित्यनाथ ने अफसरों के बीच सरकार का 'संकल्प-पत्र' बंटवाया। कहा, अफसर अपने-अपने विभागों के हिसाब से हफ्ते भर में इस पर अमल करने की कार्ययोजना बनाकर उपलब्ध कराएं। किसी कार्य के लिए क्या कार्रवाई की जानी है, इसकी विस्तृत जानकारी होनी चाहिए।
बिजली के लिए नौ पॉंइंट का एजेंडा
बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए सीएम ने नौ पॉइंट एजेंडा तैयार किया है। पांचों विद्युत वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को रोस्टर के मुताबिक तत्काल बिजली उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है।