{"_id":"686522d67abd10753209c3fe","slug":"action-against-schools-not-giving-admission-rte-being-intensified-list-will-be-sent-cbse-cisce-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"RTE :आरटीई में एडमिशन न देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई तेज, सीबीएसई और सीआईएससीई को भेजी जाएगी सूची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
RTE :आरटीई में एडमिशन न देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई तेज, सीबीएसई और सीआईएससीई को भेजी जाएगी सूची
Wed, 02 Jul 2025 06:44 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 02 Jul 2025 06:44 PM IST
सार
आरटीई के तहत नामांकन न करने वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। लखनऊ के बीएसए की रिपोर्ट पर जेडी माध्यमिक ने स्कूलों की सूची सीबीएसई और सीआईएससीई को भेजने की तैयारी की है। सीएमएस और सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल प्रमुख रूप से सूची में शामिल हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नामांकन न करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की ओर से एनओसी रद्द करने और मान्यता प्रत्याहरण की सिफारिश के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है।
विज्ञापन
बुधवार को बीएसए की रिपोर्ट जेडी कार्यालय पहुंचने के बाद अब अंतिम नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है। जेडी माध्यमिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रवेश से इन्कार करने वाले स्कूलों की सूची सीबीएसई बोर्ड और सीआईएससीई को भेजी जाएगी, जिससे उच्चस्तरीय कार्रवाई संभव हो सके।
विज्ञापन
ये भी पढ़े- UP: हाईकोर्ट पहुंचा सरकारी स्कूलों के विलय का मामला, फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई 3 जुलाई को
विज्ञापन
विशेष रूप से लखनऊ में यूपी बोर्ड की तुलना में सीबीएसई और सीआईएससीई से संबद्ध स्कूलों की ओर से आरटीई नियमों की अधिक अवहेलना की जा रही है। सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) और सेठ एमआर जयपुरिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम इसमें प्रमुख हैं।
पहले भी जारी हो चुका है नोटिस, जवाब नहीं मिला
सेठ एमआर जयपुरिया और विश्वनाथ एकेडमी के प्रबंधकों को 19 जून को जेडी माध्यमिक की ओर से नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। अब इन्हें अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा।
ये भी पढ़े- Weather in UP: मौसम में बड़े बदलाव के संकेत... कुछ दिन ब्रेक लेगा मानसून, परेशान करेगी गर्मी और उमस
चयनित बच्चों की पात्रता कोई स्कूल नहीं जांच सकता
माध्यमिकसंयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि जो स्कूल प्रबंधक आरटीई एक्ट से खुद को ऊपर समझते हैं, उनपर कोई रियायत नहीं होगी। गरीब बच्चों के चयन सिस्टम से हुआ है। कोई उनकी पात्रता नहीं जांच सकता है। एक नियम के तहत नोटिस की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, कार्रवाई की जा रही है।