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Lucknow News: हादसे ने छीना पैर, परिवार आर्थिक संकट में
Tue, 10 Feb 2026 02:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 10 Feb 2026 02:00 AM IST
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रंजीत गाैतम।
लखनऊ। दुबग्गा में हुए सड़क हादसे में सिक्योरिटी गार्ड के परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में घायल सिक्योरिटी गार्ड की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उनका घुटने के ऊपर से पैर काटना पड़ा। वह परिवार में इकलौते कमाने वाले हैं। पैर गंवाने के बाद उनके परिवार को खाने के लाले पड़ गए हैं। वहीं, सिक्योरिटी कंपनी से भी कोई मदद नहीं मिली है।
बालागंज के रस्तोगी नगर निवासी रंजीत गौतम सैनिक सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत हैं और भारतीय स्टेट बैंक, बंथरा में ड्यूटी पर तैनात थे। 10 सितंबर 2025 की रात करीब साढ़े नौ बजे वह मलिहाबाद स्थित चाचा के घर से बाइक से लौट रहे थे। हरदोई रोड स्थित दशहरी मोड़ पर दुबग्गा की ओर से तेज रफ्तार आ रहे चौपहिया वाहन से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में रंजीत सड़क पर गिर पड़े और काफी दूर तक घिसटते चले गए। उनके दाहिने पैर की हड्डी घुटने के ऊपर से टूट गई और सिर में भी गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें बालागंज के कैंपबेल रोड स्थित निजी अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनका दाहिना पैर काटना पड़ा। परिवार में पत्नी अंशु, सात वर्षीय बेटी अग्रिमा, साढ़े तीन साल की अनविका और ढाई साल का बेटा अनिरुद्ध है।
इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर शनिवार को अज्ञात वाहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वहीं, सैनिक सिक्योरिटी सर्विस लिमिटेड एजेंसी के सुपरवाइजर जय राम यावद ने बताया कि यदि ड्यूटी के दौरान हादसा हुआ होता तो सिक्योरिटी गार्ड की मदद कराई जाती।
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बालागंज के रस्तोगी नगर निवासी रंजीत गौतम सैनिक सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत हैं और भारतीय स्टेट बैंक, बंथरा में ड्यूटी पर तैनात थे। 10 सितंबर 2025 की रात करीब साढ़े नौ बजे वह मलिहाबाद स्थित चाचा के घर से बाइक से लौट रहे थे। हरदोई रोड स्थित दशहरी मोड़ पर दुबग्गा की ओर से तेज रफ्तार आ रहे चौपहिया वाहन से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में रंजीत सड़क पर गिर पड़े और काफी दूर तक घिसटते चले गए। उनके दाहिने पैर की हड्डी घुटने के ऊपर से टूट गई और सिर में भी गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें बालागंज के कैंपबेल रोड स्थित निजी अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनका दाहिना पैर काटना पड़ा। परिवार में पत्नी अंशु, सात वर्षीय बेटी अग्रिमा, साढ़े तीन साल की अनविका और ढाई साल का बेटा अनिरुद्ध है।
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इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर शनिवार को अज्ञात वाहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वहीं, सैनिक सिक्योरिटी सर्विस लिमिटेड एजेंसी के सुपरवाइजर जय राम यावद ने बताया कि यदि ड्यूटी के दौरान हादसा हुआ होता तो सिक्योरिटी गार्ड की मदद कराई जाती।
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