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किसान सम्मान निधि में आधार का पेंच, तीसरी किस्त सिर्फ 40 लाख किसानों को
Mon, 07 Oct 2019 05:01 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 07 Oct 2019 05:01 AM IST
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किसान सम्मान निधि
- फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश में किसान सम्मान निधि में आधार का पेंच फंस गया है। यही वजह है कि एक किस्त जहां 1.62 करोड़ किसानों के खातों में जा चुकी है, वहीं तीसरी किस्त 40 लाख की संख्या पर जाकर अटक गई है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीएम किसान पोर्टल पर किसानों के सही आधार फीडिंग का काम युद्धस्तर पर कराएं। तीसरी किस्त किसानों के खातों में भेजने के लिए 30 नवंबर तक का समय है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किसानों को हर चार महीने पर दो हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। प्रदेश में कुल 2.43 करोड़ किसान हैं, जिनमें से 2.35 करोड़ किसान इस योजना के लिए पात्र बताए जा रहे हैं। योजना के तहत अभी तक तीन किस्तों के लिए रकम जारी हो चुकी है। यूपी में 1.62 करोड़ किसानों को एक किस्त और 1.40 करोड़ किसानों को दो किस्तों की राशि मिल चुकी है। तीसरी किस्त के लिए मात्र 40 लाख किसान ही अभी तक पात्र मिले हैं।
दरअसल केंद्र सरकार ने इस योजना को अब पूरी तरह से आधार नंबर से जोड़ दिया है। यानी, उन्हीं किसानों के खातों में ही राशि जाएगी जिनका तहसील रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दिया गया ब्योरा समान है। प्रदेश में बड़ी संख्या में किसानों का आधार कार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन इनमें भारी गड़बड़ियां हैं।
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लाखों किसानों के आधार कार्ड में दर्ज नाम और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाम की वर्तनी अलग-अलग है, तो बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनका पीएम किसान पोर्टल पर आधार नंबर ही गलत दर्ज कर दिया गया है। डुप्लीकेसी यानी एक ही आधार नंबर पर एक से ज्यादा किसानों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
स्थिति का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि जिन 1.62 करोड़ किसानों के खातों में एक किस्त जा चुकी है, उनमें से 40 लाख किसानों के खातों में ही तीसरी किस्त भेजी जा सकी है। यानी, एक किस्त पाने वाले 1.22 करोड़ किसानों के आधार नंबर या तो है ही नहीं या फिर उनमें गड़बड़ियां हैं।
हालांकि, कृषि विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि न्यूनतम एक किस्त जिन किसानों के खातों में गई है, उनमें से अधिकतर के पास आधार कार्ड तो हैं, पर तहसील रिकॉर्ड से मिलाए जाने पर इनमें जबरदस्त गड़बड़ियां मिली हैं। इस योजना में केंद्र सरकार की ओर से आधार का फिल्टर लगा दिए जाने से उनके खातों में तब तक धनराशि नहीं जा सकती, जब तक आधार की गड़बड़ियां दुरुस्त नहीं होंगी।
इस योजना को देख रहे नव पदोन्नति निदेशक, कृषि वीपी सिंह ने बताया कि शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को सही आधार फीडिंग का काम प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि 30 नवंबर से पहले ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किसानों को हर चार महीने पर दो हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। प्रदेश में कुल 2.43 करोड़ किसान हैं, जिनमें से 2.35 करोड़ किसान इस योजना के लिए पात्र बताए जा रहे हैं। योजना के तहत अभी तक तीन किस्तों के लिए रकम जारी हो चुकी है। यूपी में 1.62 करोड़ किसानों को एक किस्त और 1.40 करोड़ किसानों को दो किस्तों की राशि मिल चुकी है। तीसरी किस्त के लिए मात्र 40 लाख किसान ही अभी तक पात्र मिले हैं।
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दरअसल केंद्र सरकार ने इस योजना को अब पूरी तरह से आधार नंबर से जोड़ दिया है। यानी, उन्हीं किसानों के खातों में ही राशि जाएगी जिनका तहसील रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दिया गया ब्योरा समान है। प्रदेश में बड़ी संख्या में किसानों का आधार कार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन इनमें भारी गड़बड़ियां हैं।
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लाखों किसानों के आधार कार्ड में दर्ज नाम और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाम की वर्तनी अलग-अलग है, तो बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनका पीएम किसान पोर्टल पर आधार नंबर ही गलत दर्ज कर दिया गया है। डुप्लीकेसी यानी एक ही आधार नंबर पर एक से ज्यादा किसानों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
स्थिति का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि जिन 1.62 करोड़ किसानों के खातों में एक किस्त जा चुकी है, उनमें से 40 लाख किसानों के खातों में ही तीसरी किस्त भेजी जा सकी है। यानी, एक किस्त पाने वाले 1.22 करोड़ किसानों के आधार नंबर या तो है ही नहीं या फिर उनमें गड़बड़ियां हैं।
हालांकि, कृषि विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि न्यूनतम एक किस्त जिन किसानों के खातों में गई है, उनमें से अधिकतर के पास आधार कार्ड तो हैं, पर तहसील रिकॉर्ड से मिलाए जाने पर इनमें जबरदस्त गड़बड़ियां मिली हैं। इस योजना में केंद्र सरकार की ओर से आधार का फिल्टर लगा दिए जाने से उनके खातों में तब तक धनराशि नहीं जा सकती, जब तक आधार की गड़बड़ियां दुरुस्त नहीं होंगी।
इस योजना को देख रहे नव पदोन्नति निदेशक, कृषि वीपी सिंह ने बताया कि शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को सही आधार फीडिंग का काम प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि 30 नवंबर से पहले ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।