{"_id":"68fa929141aa683911076111","slug":"a-treasure-trove-of-books-absolutely-free-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1439102-2025-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: किताबों का खजाना, बिल्कुल मुफ्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: किताबों का खजाना, बिल्कुल मुफ्त
Fri, 24 Oct 2025 02:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 24 Oct 2025 02:09 AM IST
विज्ञापन
राजश्री टंडन ओपन यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस में शुरू हुई निशुल्क लाइब्रेरी। विभाग
लखनऊ। राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी (यूपीआरटीओयू) के लखनऊ के तेलीबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में निशुल्क लाइब्रेरी की सुविधा शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य लोगों में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना और सभी आयु वर्ग के लोगों को ज्ञान के स्रोत तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
लाइब्रेरी का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। यहां इतिहास, साहित्य, यात्रा वृत्तांत, धार्मिक ग्रंथों और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों की आत्मकथाओं जैसी करीब एक हजार किताबों का संग्रह उपलब्ध है। पाठकों के लिए बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और शौचालय की सुविधा भी है।
इस लाइब्रेरी में किताबें बाहर नहीं ले जाई जा सकतीं, उन्हें वहीं बैठकर पढ़ा जा सकता है। सीनियर सिटीजन को प्राथमिकता दी गई है, हालांकि युवा भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक पाठक आधार कार्ड की फोटो कॉपी देकर नियमित सदस्य बन सकते हैं।
विज्ञापन
इसी साल से निशुल्क लाइब्रेरी की शुरुआत हुई है। यहां सीनियर सिटीजन के साथ-साथ युवा भी जुड़ सकते हैं। ये सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है।
- डॉ. अलका वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक, यूपीआरटीओयू
विज्ञापन
लाइब्रेरी का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। यहां इतिहास, साहित्य, यात्रा वृत्तांत, धार्मिक ग्रंथों और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों की आत्मकथाओं जैसी करीब एक हजार किताबों का संग्रह उपलब्ध है। पाठकों के लिए बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और शौचालय की सुविधा भी है।
विज्ञापन
इस लाइब्रेरी में किताबें बाहर नहीं ले जाई जा सकतीं, उन्हें वहीं बैठकर पढ़ा जा सकता है। सीनियर सिटीजन को प्राथमिकता दी गई है, हालांकि युवा भी इसका लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक पाठक आधार कार्ड की फोटो कॉपी देकर नियमित सदस्य बन सकते हैं।
विज्ञापन
इसी साल से निशुल्क लाइब्रेरी की शुरुआत हुई है। यहां सीनियर सिटीजन के साथ-साथ युवा भी जुड़ सकते हैं। ये सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है।
- डॉ. अलका वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक, यूपीआरटीओयू